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आज की होरा – जयपुर

गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027 · माघ शुक्ल पंचमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
गुरुसुबह 7:06 – सुबह 8:02पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 8:02 – सुबह 8:58भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 8:58 – सुबह 9:53सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 9:53 – सुबह 10:49कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 10:49 – सुबह 11:45पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 11:45 – दोपहर 12:41यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिदोपहर 12:41 – दोपहर 1:37मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुदोपहर 1:37 – दोपहर 2:32पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलदोपहर 2:32 – दोपहर 3:28भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यदोपहर 3:28 – शाम 4:24सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रशाम 4:24 – शाम 5:20कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधशाम 5:20 – शाम 6:15पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
चंद्रशाम 6:15 – रात 7:20यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 7:20 – रात 8:24मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 8:24 – रात 9:28पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 9:28 – रात 10:32भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 10:32 – रात 11:36सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 11:36 – रात 12:40 (12 फ़र॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 12:40 (12 फ़र॰) – रात 1:45 (12 फ़र॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 1:45 (12 फ़र॰) – रात 2:49 (12 फ़र॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 2:49 (12 फ़र॰) – रात 3:53 (12 फ़र॰)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 3:53 (12 फ़र॰) – सुबह 4:57 (12 फ़र॰)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 4:57 (12 फ़र॰) – सुबह 6:01 (12 फ़र॰)भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 6:01 (12 फ़र॰) – सुबह 7:05 (12 फ़र॰)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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