आज की होरा – पटना
शुक्रवार, 12 मार्च 2027 · फाल्गुन शुक्ल चतुर्थी · विक्रम संवत 2083
☀️ दिन की होरा
| होरा | समय | किस काम के लिए अच्छी |
|---|---|---|
| शुक्र | सुबह 6:02 – सुबह 7:01 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम |
| बुध | सुबह 7:01 – सुबह 8:01 | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार |
| चंद्र | सुबह 8:01 – सुबह 9:00 | यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट |
| शनि | सुबह 9:00 – सुबह 10:00 | मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य |
| गुरु | सुबह 10:00 – सुबह 10:59 | पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश |
| मंगल | सुबह 10:59 – सुबह 11:59 | भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना |
| सूर्य | सुबह 11:59 – दोपहर 12:59 | सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम |
| शुक्र | दोपहर 12:59 – दोपहर 1:58 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम |
| बुध | दोपहर 1:58 – दोपहर 2:58 | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार |
| चंद्र | दोपहर 2:58 – दोपहर 3:57 | यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट |
| शनि | दोपहर 3:57 – शाम 4:57 | मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य |
| गुरु | शाम 4:57 – शाम 5:56 | पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश |
🌙 रात की होरा
| होरा | समय | किस काम के लिए अच्छी |
|---|---|---|
| मंगल | शाम 5:56 – शाम 6:57 | भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना |
| सूर्य | शाम 6:57 – रात 7:57 | सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम |
| शुक्र | रात 7:57 – रात 8:57 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम |
| बुध | रात 8:57 – रात 9:58 | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार |
| चंद्र | रात 9:58 – रात 10:58 | यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट |
| शनि | रात 10:58 – रात 11:58 | मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य |
| गुरु | रात 11:58 – रात 12:59 (13 मार्च) | पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश |
| मंगल | रात 12:59 (13 मार्च) – रात 1:59 (13 मार्च) | भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना |
| सूर्य | रात 1:59 (13 मार्च) – रात 3:00 (13 मार्च) | सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम |
| शुक्र | रात 3:00 (13 मार्च) – सुबह 4:00 (13 मार्च) | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम |
| बुध | सुबह 4:00 (13 मार्च) – सुबह 5:00 (13 मार्च) | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार |
| चंद्र | सुबह 5:00 (13 मार्च) – सुबह 6:01 (13 मार्च) | यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट |
होरा क्या है?
दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।
🌆 प्रमुख शहरों का होरा
समय पटना (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।