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📍 नई दिल्ली शनिवार, 7 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज की होरा – उज्जैन

मंगलवार, 10 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
मंगलसुबह 6:37 – सुबह 7:32भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 7:32 – सुबह 8:28सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 8:28 – सुबह 9:23कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 9:23 – सुबह 10:19पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 10:19 – सुबह 11:15यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिसुबह 11:15 – दोपहर 12:10मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुदोपहर 12:10 – दोपहर 1:06पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलदोपहर 1:06 – दोपहर 2:01भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यदोपहर 2:01 – दोपहर 2:57सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रदोपहर 2:57 – दोपहर 3:52कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधदोपहर 3:52 – शाम 4:48पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रशाम 4:48 – शाम 5:44यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
शनिशाम 5:44 – शाम 6:48मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुशाम 6:48 – रात 7:53पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 7:53 – रात 8:57भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 8:57 – रात 10:01सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 10:01 – रात 11:06कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 11:06 – रात 12:10 (11 नव॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 12:10 (11 नव॰) – रात 1:15 (11 नव॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 1:15 (11 नव॰) – रात 2:19 (11 नव॰)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 2:19 (11 नव॰) – रात 3:24 (11 नव॰)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 3:24 (11 नव॰) – सुबह 4:28 (11 नव॰)भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 4:28 (11 नव॰) – सुबह 5:33 (11 नव॰)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 5:33 (11 नव॰) – सुबह 6:37 (11 नव॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय उज्जैन (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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