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आज की होरा – वाराणसी

शनिवार, 21 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
शनिसुबह 6:19 – सुबह 7:13मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुसुबह 7:13 – सुबह 8:07पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 8:07 – सुबह 9:01भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 9:01 – सुबह 9:55सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 9:55 – सुबह 10:49कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 10:49 – सुबह 11:43पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 11:43 – दोपहर 12:37यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिदोपहर 12:37 – दोपहर 1:32मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुदोपहर 1:32 – दोपहर 2:26पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलदोपहर 2:26 – दोपहर 3:20भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यदोपहर 3:20 – शाम 4:14सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रशाम 4:14 – शाम 5:08कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
बुधशाम 5:08 – शाम 6:14पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रशाम 6:14 – रात 7:20यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 7:20 – रात 8:26मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 8:26 – रात 9:32पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 9:32 – रात 10:38भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 10:38 – रात 11:44सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 11:44 – रात 12:50 (22 नव॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 12:50 (22 नव॰) – रात 1:56 (22 नव॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 1:56 (22 नव॰) – रात 3:02 (22 नव॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 3:02 (22 नव॰) – सुबह 4:08 (22 नव॰)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुसुबह 4:08 (22 नव॰) – सुबह 5:14 (22 नव॰)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 5:14 (22 नव॰) – सुबह 6:19 (22 नव॰)भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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