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आज की होरा – वाराणसी

गुरुवार, 4 मार्च 2027 · फाल्गुन कृष्ण एकादशी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
गुरुसुबह 6:18 – सुबह 7:17पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 7:17 – सुबह 8:15भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 8:15 – सुबह 9:14सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 9:14 – सुबह 10:12कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 10:12 – सुबह 11:11पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 11:11 – दोपहर 12:10यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिदोपहर 12:10 – दोपहर 1:08मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुदोपहर 1:08 – दोपहर 2:07पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलदोपहर 2:07 – दोपहर 3:05भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यदोपहर 3:05 – शाम 4:04सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रशाम 4:04 – शाम 5:02कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधशाम 5:02 – शाम 6:01पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
चंद्रशाम 6:01 – रात 7:02यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 7:02 – रात 8:04मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 8:04 – रात 9:05पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 9:05 – रात 10:06भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 10:06 – रात 11:08सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 11:08 – रात 12:09 (5 मार्च)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 12:09 (5 मार्च) – रात 1:10 (5 मार्च)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 1:10 (5 मार्च) – रात 2:12 (5 मार्च)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 2:12 (5 मार्च) – रात 3:13 (5 मार्च)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 3:13 (5 मार्च) – सुबह 4:15 (5 मार्च)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 4:15 (5 मार्च) – सुबह 5:16 (5 मार्च)भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 5:16 (5 मार्च) – सुबह 6:17 (5 मार्च)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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