आज की होरा – जयपुर
शनिवार, 7 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2083
⏱️ अभी का समय कैसा है?
दोपहर 1:22 परअभी का चौघड़ियाचर · सामान्यदोपहर 1:32 तक
इसके बादलाभ · शुभदोपहर 1:32 – दोपहर 2:55
अभी की होराशनिदोपहर 2:00 तक
☀️ दिन की होरा
| होरा | समय | किस काम के लिए अच्छी |
|---|---|---|
| शनि | सुबह 6:40 – सुबह 7:35 | मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य |
| गुरु | सुबह 7:35 – सुबह 8:30 | पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश |
| मंगल | सुबह 8:30 – सुबह 9:25 | भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना |
| सूर्य | सुबह 9:25 – सुबह 10:20 | सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम |
| शुक्र | सुबह 10:20 – सुबह 11:15 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम |
| बुध | सुबह 11:15 – दोपहर 12:10 | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार |
| चंद्र | दोपहर 12:10 – दोपहर 1:05 | यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट |
| शनि | दोपहर 1:05 – दोपहर 2:00 | मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य |
| गुरु | दोपहर 2:00 – दोपहर 2:55 | पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश |
| मंगल | दोपहर 2:55 – दोपहर 3:50 | भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना |
| सूर्य | दोपहर 3:50 – शाम 4:45 | सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम |
| शुक्र | शाम 4:45 – शाम 5:40 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम |
🌙 रात की होरा
| होरा | समय | किस काम के लिए अच्छी |
|---|---|---|
| बुध | शाम 5:40 – शाम 6:45 | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार |
| चंद्र | शाम 6:45 – रात 7:50 | यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट |
| शनि | रात 7:50 – रात 8:55 | मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य |
| गुरु | रात 8:55 – रात 10:00 | पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश |
| मंगल | रात 10:00 – रात 11:05 | भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना |
| सूर्य | रात 11:05 – रात 12:10 (8 नव॰) | सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम |
| शुक्र | रात 12:10 (8 नव॰) – रात 1:15 (8 नव॰) | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम |
| बुध | रात 1:15 (8 नव॰) – रात 2:20 (8 नव॰) | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार |
| चंद्र | रात 2:20 (8 नव॰) – रात 3:26 (8 नव॰) | यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट |
| शनि | रात 3:26 (8 नव॰) – सुबह 4:31 (8 नव॰) | मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य |
| गुरु | सुबह 4:31 (8 नव॰) – सुबह 5:36 (8 नव॰) | पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश |
| मंगल | सुबह 5:36 (8 नव॰) – सुबह 6:41 (8 नव॰) | भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना |
होरा क्या है?
दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।
🌆 प्रमुख शहरों का होरा
समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।