आज का पञ्चाङ्ग – जयपुर
शनिवार, 1 मई 2027 · वैशाख कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2084
⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा कुम्भ राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।
शनिवार, 1 मई 2027, जयपुर: कृष्ण दशमी तिथि (शाम 6:54 तक), शतभिषा नक्षत्र, ब्रह्म योग। राहुकाल सुबह 9:06 – सुबह 10:45।
सूर्योदय सुबह 5:49 · सूर्यास्त शाम 6:59 · चंद्र राशि कुम्भ
पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
Five limbs of the dayतिथिTithi
कृष्ण दशमीशाम 6:54 तक, फिर एकादशी
वारVara
शनिवार
नक्षत्रNakshatra
शतभिषारात 1:15 (2 मई) तक, फिर पूर्वा भाद्रपद
योगYoga
ब्रह्मशाम 6:41 तक
करणKarana
वणिजसुबह 6:09 तक, फिर विष्टि (भद्रा)
पक्षPaksha
कृष्ण पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
कुम्भ
ऋतुRitu
वसन्त
सूर्य और चंद्र
Sun & Moonसूर्योदयसुबह 5:49
सूर्यास्तशाम 6:59
सूर्य राशिमेष
चंद्र राशिकुम्भ
हिन्दू कैलेंडर
Hindu calendarविक्रम संवत2084
शक संवत1949
मास (अमांत)चैत्र
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
ऋतुवसन्त
पक्षकृष्ण पक्ष
दिशा शूलपूर्व
पंचकहाँ, आज पंचक है
शुभ और अशुभ समय
Muhurat & Rahu Kaalब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 4:13 – सुबह 5:01
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:57 – दोपहर 12:50
राहुकालRahu Kaalसुबह 9:06 – सुबह 10:45
यमगण्डYamagandaदोपहर 2:03 – दोपहर 3:41
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 5:49 – सुबह 7:27
🧭 वास और शूल
| दिशा शूल | पूर्व – आज इस दिशा की यात्रा टालें |
|---|---|
| शिववास | क्रीड़ा में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु) |
| अग्निवास | आकाश में (अशुभ) |
| पंचक | हाँ, आज पंचक है |
🌕 चन्द्रबल
आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
🕐 आज का चौघड़िया (दिन)
दिन + रात देखें →कालसुबह 5:49 – सुबह 7:27
शुभसुबह 7:27 – सुबह 9:06
रोगसुबह 9:06 – सुबह 10:45
उद्वेगसुबह 10:45 – दोपहर 12:24
चरदोपहर 12:24 – दोपहर 2:03
लाभदोपहर 2:03 – दोपहर 3:41
अमृतदोपहर 3:41 – शाम 5:20
कालशाम 5:20 – शाम 6:59
🪔 आने वाले व्रत-त्योहार
हिन्दू कैलेंडर →- वरूथिनी एकादशी2 मई, रवि
- सोम प्रदोष3 मई, सोम
- वैशाख अमावस्या6 मई, गुरु
- अक्षय तृतीया 20279 मई, रवि
- मोहिनी एकादशी16 मई, रवि
- सोम प्रदोष17 मई, सोम
- वैशाख पूर्णिमा20 मई, गुरु
- बुद्ध पूर्णिमा 202720 मई, गुरु
🌆 प्रमुख शहरों का पञ्चाङ्ग
समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।