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प्रदोष व्रत: तिथियाँ, विधि और कथा

त्रयोदशी तिथि का व्रत, जिसमें संध्या (प्रदोष काल) में पूजा की जाती है।

📅 प्रदोष व्रत की आगामी तिथियाँ

दिनांकवारव्रतटिप्पणी
7 नव॰ 2026शनिवारशनि प्रदोषनमूना तिथि – कृपया पुष्टि करें
22 नव॰ 2026रविवारसोम प्रदोषनमूना तिथि – कृपया पुष्टि करें
7 दिस॰ 2026सोमवारप्रदोष व्रतनमूना तिथि – कृपया पुष्टि करें
5 जन॰ 2027मंगलवारभौम प्रदोष
20 जन॰ 2027बुधवारबुध प्रदोष
3 फ़र॰ 2027बुधवारबुध प्रदोष
18 फ़र॰ 2027गुरुवारगुरु प्रदोष
5 मार्च 2027शुक्रवारशुक्र प्रदोष
20 मार्च 2027शनिवारशनि प्रदोष
4 अप्रैल 2027रविवाररवि प्रदोष
18 अप्रैल 2027रविवाररवि प्रदोष
3 मई 2027सोमवारसोम प्रदोष
17 मई 2027सोमवारसोम प्रदोष
2 जून 2027बुधवारबुध प्रदोष
16 जून 2027बुधवारबुध प्रदोष
1 जुलाई 2027गुरुवारगुरु प्रदोष
15 जुलाई 2027गुरुवारगुरु प्रदोष
31 जुलाई 2027शनिवारशनि प्रदोष
14 अग॰ 2027शनिवारशनि प्रदोष
29 अग॰ 2027रविवाररवि प्रदोष
13 सित॰ 2027सोमवारसोम प्रदोष
27 सित॰ 2027सोमवारसोम प्रदोष
12 अक्टू॰ 2027मंगलवारभौम प्रदोष
27 अक्टू॰ 2027बुधवारबुध प्रदोष
11 नव॰ 2027गुरुवारगुरु प्रदोष
25 नव॰ 2027गुरुवारगुरु प्रदोष
11 दिस॰ 2027शनिवारशनि प्रदोष
25 दिस॰ 2027शनिवारशनि प्रदोष

🪔 प्रदोष व्रत विधि

  1. दिन भर व्रत रखें।
  2. सूर्यास्त के आसपास प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करें।

📖 प्रदोष व्रत कथा

प्रदोष कथा के अनुसार समुद्र मंथन से निकला विष पीकर भगवान शिव ने देवताओं की रक्षा की थी, और वह समय अब प्रदोष कहलाता है।

🍎 व्रत में क्या खाएँ

शाम की पूजा के बाद फल, दूध और सात्विक भोजन।

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