🌐 भाषा

📍 नई दिल्ली
रविवार, 8 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण चतुर्दशी · स्वाती आज का पंचांगआज का मंत्र
हिन्दी
ट्रेंडिंग

आज का पञ्चाङ्ग – मुंबई

सोमवार, 3 मई 2027 · वैशाख कृष्ण द्वादशी · विक्रम संवत 2084

⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा मीन राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।

सोमवार, 3 मई 2027, मुंबई: कृष्ण द्वादशी तिथि (रात 8:04 तक), उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, वैधृति योग। राहुकाल सुबह 7:46 – सुबह 9:22।

सूर्योदय सुबह 6:09 · सूर्यास्त रात 7:01 · चंद्र राशि मीन

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग

Five limbs of the day
तिथिTithi
कृष्ण द्वादशीरात 8:04 तक, फिर त्रयोदशी
वारVara
सोमवार
नक्षत्रNakshatra
उत्तरा भाद्रपदरात 3:18 (4 मई) तक, फिर रेवती
योगYoga
वैधृतिशाम 5:38 तक
करणKarana
कौलवसुबह 8:04 तक, फिर तैतिल
पक्षPaksha
कृष्ण पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
मीन
ऋतुRitu
वसन्त

सूर्य और चंद्र

Sun & Moon
↑ सुबह 6:09दिनमान 12h 51m↓ रात 7:01
सूर्योदयसुबह 6:09
सूर्यास्तरात 7:01
सूर्य राशिमेष
चंद्र राशिमीन

हिन्दू कैलेंडर

Hindu calendar
विक्रम संवत2084
शक संवत1949
मास (अमांत)चैत्र
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
ऋतुवसन्त
पक्षकृष्ण पक्ष
दिशा शूलपूर्व
पंचकहाँ, आज पंचक है

शुभ और अशुभ समय

Muhurat & Rahu Kaal
ब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 4:33 – सुबह 5:21
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaदोपहर 12:09 – दोपहर 1:01
राहुकालRahu Kaalसुबह 7:46 – सुबह 9:22
यमगण्डYamagandaसुबह 10:59 – दोपहर 12:35
गुलिक कालGulika Kaalदोपहर 2:12 – दोपहर 3:48

🧭 वास और शूल

दिशा शूलपूर्व – आज इस दिशा की यात्रा टालें
शिववासवृषभ पर आरूढ़ (शुभ – रुद्राभिषेक हेतु)
अग्निवासपाताल में (अशुभ)
पंचकहाँ, आज पंचक है

🌕 चन्द्रबल

आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:

वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन

चंद्रमा आपकी राशि से 1, 3, 6, 7, 10 या 11वें भाव में हो तो चन्द्रबल शुभ माना जाता है।

🕐 आज का चौघड़िया (दिन)

दिन + रात देखें →
अमृतसुबह 6:09 – सुबह 7:46
कालसुबह 7:46 – सुबह 9:22
शुभसुबह 9:22 – सुबह 10:59
रोगसुबह 10:59 – दोपहर 12:35
उद्वेगदोपहर 12:35 – दोपहर 2:12
चरदोपहर 2:12 – दोपहर 3:48
लाभदोपहर 3:48 – शाम 5:24
अमृतशाम 5:24 – रात 7:01

🪔 आने वाले व्रत-त्योहार

हिन्दू कैलेंडर →

समय मुंबई (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

पूछें