आज का पञ्चाङ्ग – पटना
मंगलवार, 4 मई 2027 · वैशाख कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2084
⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा मीन राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।
मंगलवार, 4 मई 2027, पटना: कृष्ण त्रयोदशी तिथि (रात 7:31 तक), रेवती नक्षत्र, विष्कुम्भ योग। राहुकाल दोपहर 3:04 – शाम 4:42।
सूर्योदय सुबह 5:11 · सूर्यास्त शाम 6:21 · चंद्र राशि मीन
पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
Five limbs of the dayतिथिTithi
कृष्ण त्रयोदशीरात 7:31 तक, फिर चतुर्दशी
वारVara
मंगलवार
नक्षत्रNakshatra
रेवतीरात 3:14 (5 मई) तक, फिर अश्विनी
योगYoga
विष्कुम्भशाम 4:12 तक
करणKarana
गरसुबह 7:53 तक, फिर वणिज
पक्षPaksha
कृष्ण पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
मीन
ऋतुRitu
वसन्त
सूर्य और चंद्र
Sun & Moonसूर्योदयसुबह 5:11
सूर्यास्तशाम 6:21
सूर्य राशिमेष
चंद्र राशिमीन
हिन्दू कैलेंडर
Hindu calendarविक्रम संवत2084
शक संवत1949
मास (अमांत)चैत्र
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
ऋतुवसन्त
पक्षकृष्ण पक्ष
दिशा शूलउत्तर
पंचकहाँ, आज पंचक है
शुभ और अशुभ समय
Muhurat & Rahu Kaalब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaरात 3:35 – सुबह 4:23
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:20 – दोपहर 12:12
राहुकालRahu Kaalदोपहर 3:04 – शाम 4:42
यमगण्डYamagandaसुबह 8:28 – सुबह 10:07
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 11:46 – दोपहर 1:25
🧭 वास और शूल
| दिशा शूल | उत्तर – आज इस दिशा की यात्रा टालें |
|---|---|
| शिववास | भोजन में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु) |
| अग्निवास | पृथ्वी पर (शुभ – हवन कर सकते हैं) |
| पंचक | हाँ, आज पंचक है |
🌕 चन्द्रबल
आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
🕐 आज का चौघड़िया (दिन)
दिन + रात देखें →रोगसुबह 5:11 – सुबह 6:50
उद्वेगसुबह 6:50 – सुबह 8:28
चरसुबह 8:28 – सुबह 10:07
लाभसुबह 10:07 – सुबह 11:46
अमृतसुबह 11:46 – दोपहर 1:25
कालदोपहर 1:25 – दोपहर 3:04
शुभदोपहर 3:04 – शाम 4:42
रोगशाम 4:42 – शाम 6:21
🪔 आने वाले व्रत-त्योहार
हिन्दू कैलेंडर →- वैशाख अमावस्या6 मई, गुरु
- अक्षय तृतीया 20279 मई, रवि
- मोहिनी एकादशी16 मई, रवि
- सोम प्रदोष17 मई, सोम
- वैशाख पूर्णिमा20 मई, गुरु
- बुद्ध पूर्णिमा 202720 मई, गुरु
- एकदंत संकष्टी23 मई, रवि
- अपरा एकादशी1 जून, मंगल
🌆 प्रमुख शहरों का पञ्चाङ्ग
समय पटना (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।