🌐 भाषा

📍 नई दिल्ली
शनिवार, 7 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा आज का पंचांगआज का मंत्र
हिन्दी
ट्रेंडिंग

आज का पञ्चाङ्ग – नई दिल्ली

रविवार, 4 अप्रैल 2027 · चैत्र कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2083

⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा कुम्भ राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।

रविवार, 4 अप्रैल 2027, नई दिल्ली: कृष्ण त्रयोदशी तिथि (सुबह 5:23 (5 अप्रैल) तक), शतभिषा नक्षत्र, शुभ योग। राहुकाल शाम 5:06 – शाम 6:40।

सूर्योदय सुबह 6:08 · सूर्यास्त शाम 6:40 · चंद्र राशि कुम्भ

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग

Five limbs of the day
तिथिTithi
कृष्ण त्रयोदशीसुबह 5:23 (5 अप्रैल) तक, फिर चतुर्दशी
वारVara
रविवार
नक्षत्रNakshatra
शतभिषाशाम 4:32 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद
योगYoga
शुभसुबह 10:12 तक
करणKarana
गरशाम 5:00 तक, फिर वणिज
पक्षPaksha
कृष्ण पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
कुम्भ
ऋतुRitu
शिशिर

सूर्य और चंद्र

Sun & Moon
↑ सुबह 6:08दिनमान 12h 32m↓ शाम 6:40
सूर्योदयसुबह 6:08
सूर्यास्तशाम 6:40
सूर्य राशिमीन
चंद्र राशिकुम्भ

हिन्दू कैलेंडर

Hindu calendar
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
ऋतुशिशिर
पक्षकृष्ण पक्ष
दिशा शूलपश्चिम
पंचकहाँ, आज पंचक है

शुभ और अशुभ समय

Muhurat & Rahu Kaal
ब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 4:32 – सुबह 5:20
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:59 – दोपहर 12:49
राहुकालRahu Kaalशाम 5:06 – शाम 6:40
यमगण्डYamagandaदोपहर 12:24 – दोपहर 1:58
गुलिक कालGulika Kaalदोपहर 3:32 – शाम 5:06

🧭 वास और शूल

दिशा शूलपश्चिम – आज इस दिशा की यात्रा टालें
शिववासभोजन में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु)
अग्निवासपाताल में (अशुभ)
पंचकहाँ, आज पंचक है

🌕 चन्द्रबल

आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:

मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ

चंद्रमा आपकी राशि से 1, 3, 6, 7, 10 या 11वें भाव में हो तो चन्द्रबल शुभ माना जाता है।

🕐 आज का चौघड़िया (दिन)

दिन + रात देखें →
उद्वेगसुबह 6:08 – सुबह 7:42
चरसुबह 7:42 – सुबह 9:16
लाभसुबह 9:16 – सुबह 10:50
अमृतसुबह 10:50 – दोपहर 12:24
कालदोपहर 12:24 – दोपहर 1:58
शुभदोपहर 1:58 – दोपहर 3:32
रोगदोपहर 3:32 – शाम 5:06
उद्वेगशाम 5:06 – शाम 6:40

🪔 आने वाले व्रत-त्योहार

हिन्दू कैलेंडर →

समय नई दिल्ली (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

पूछें