🌐 भाषा

📍 पटना
रविवार, 8 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण चतुर्दशी · स्वाती आज का पंचांगआज का मंत्र
हिन्दी
ट्रेंडिंग

आज का पञ्चाङ्ग – पटना

मंगलवार, 6 अप्रैल 2027 · चैत्र कृष्ण चतुर्दशी · विक्रम संवत 2083

⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा मीन राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।

मंगलवार, 6 अप्रैल 2027, पटना: कृष्ण चतुर्दशी तिथि (सुबह 5:41 तक), उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, ब्रह्म योग। राहुकाल दोपहर 3:00 – शाम 4:34।

सूर्योदय सुबह 5:36 · सूर्यास्त शाम 6:08 · चंद्र राशि मीन

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग

Five limbs of the day
तिथिTithi
कृष्ण चतुर्दशीसुबह 5:41 तक, फिर अमावस्या
वारVara
मंगलवार
नक्षत्रNakshatra
उत्तरा भाद्रपदशाम 6:22 तक, फिर रेवती
योगYoga
ब्रह्मसुबह 8:49 तक
करणKarana
शकुनिसुबह 5:41 तक, फिर चतुष्पद
पक्षPaksha
कृष्ण पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
मीन
ऋतुRitu
शिशिर

सूर्य और चंद्र

Sun & Moon
↑ सुबह 5:36दिनमान 12h 31m↓ शाम 6:08
सूर्योदयसुबह 5:36
सूर्यास्तशाम 6:08
सूर्य राशिमीन
चंद्र राशिमीन

हिन्दू कैलेंडर

Hindu calendar
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)चैत्र
ऋतुशिशिर
पक्षकृष्ण पक्ष
दिशा शूलउत्तर
पंचकहाँ, आज पंचक है

शुभ और अशुभ समय

Muhurat & Rahu Kaal
ब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 4:00 – सुबह 4:48
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:27 – दोपहर 12:17
राहुकालRahu Kaalदोपहर 3:00 – शाम 4:34
यमगण्डYamagandaसुबह 8:44 – सुबह 10:18
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 11:52 – दोपहर 1:26

🧭 वास और शूल

दिशा शूलउत्तर – आज इस दिशा की यात्रा टालें
शिववासश्मशान में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु)
अग्निवासआकाश में (अशुभ)
पंचकहाँ, आज पंचक है

🌕 चन्द्रबल

आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:

वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन

चंद्रमा आपकी राशि से 1, 3, 6, 7, 10 या 11वें भाव में हो तो चन्द्रबल शुभ माना जाता है।

🕐 आज का चौघड़िया (दिन)

दिन + रात देखें →
रोगसुबह 5:36 – सुबह 7:10
उद्वेगसुबह 7:10 – सुबह 8:44
चरसुबह 8:44 – सुबह 10:18
लाभसुबह 10:18 – सुबह 11:52
अमृतसुबह 11:52 – दोपहर 1:26
कालदोपहर 1:26 – दोपहर 3:00
शुभदोपहर 3:00 – शाम 4:34
रोगशाम 4:34 – शाम 6:08

🪔 आने वाले व्रत-त्योहार

हिन्दू कैलेंडर →

समय पटना (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

पूछें