आज का पञ्चाङ्ग – नई दिल्ली
शुक्रवार, 28 मई 2027 · ज्येष्ठ कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2084
⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा कुम्भ राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।
शुक्रवार, 28 मई 2027, नई दिल्ली: कृष्ण सप्तमी तिथि (सुबह 6:27 तक), धनिष्ठा नक्षत्र, वैधृति योग। राहुकाल सुबह 10:35 – दोपहर 12:18।
सूर्योदय सुबह 5:24 · सूर्यास्त रात 7:12 · चंद्र राशि कुम्भ
पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
Five limbs of the dayतिथिTithi
कृष्ण सप्तमीसुबह 6:27 तक, फिर अष्टमी
वारVara
शुक्रवार
नक्षत्रNakshatra
धनिष्ठासुबह 7:13 तक, फिर शतभिषा
योगYoga
वैधृतिरात 3:32 (29 मई) तक
करणKarana
बवसुबह 6:27 तक, फिर बालव
पक्षPaksha
कृष्ण पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
कुम्भ
ऋतुRitu
वसन्त
सूर्य और चंद्र
Sun & Moonसूर्योदयसुबह 5:24
सूर्यास्तरात 7:12
सूर्य राशिवृषभ
चंद्र राशिकुम्भ
हिन्दू कैलेंडर
Hindu calendarविक्रम संवत2084
शक संवत1949
मास (अमांत)वैशाख
मास (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ
ऋतुवसन्त
पक्षकृष्ण पक्ष
दिशा शूलपश्चिम
पंचकहाँ, आज पंचक है
शुभ और अशुभ समय
Muhurat & Rahu Kaalब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaरात 3:48 – सुबह 4:36
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:50 – दोपहर 12:46
राहुकालRahu Kaalसुबह 10:35 – दोपहर 12:18
यमगण्डYamagandaदोपहर 3:45 – शाम 5:28
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 7:08 – सुबह 8:51
🧭 वास और शूल
| दिशा शूल | पश्चिम – आज इस दिशा की यात्रा टालें |
|---|---|
| शिववास | श्मशान में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु) |
| अग्निवास | आकाश में (अशुभ) |
| पंचक | हाँ, आज पंचक है |
🌕 चन्द्रबल
आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
🕐 आज का चौघड़िया (दिन)
दिन + रात देखें →चरसुबह 5:24 – सुबह 7:08
लाभसुबह 7:08 – सुबह 8:51
अमृतसुबह 8:51 – सुबह 10:35
कालसुबह 10:35 – दोपहर 12:18
शुभदोपहर 12:18 – दोपहर 2:01
रोगदोपहर 2:01 – दोपहर 3:45
उद्वेगदोपहर 3:45 – शाम 5:28
चरशाम 5:28 – रात 7:12
🪔 आने वाले व्रत-त्योहार
हिन्दू कैलेंडर →- अपरा एकादशी1 जून, मंगल
- बुध प्रदोष2 जून, बुध
- वट सावित्री व्रत 20274 जून, शुक्र
- ज्येष्ठ अमावस्या4 जून, शुक्र
- गंगा दशहरा 202713 जून, रवि
- निर्जला एकादशी14 जून, सोम
- बुध प्रदोष16 जून, बुध
- ज्येष्ठ पूर्णिमा18 जून, शुक्र
🌆 प्रमुख शहरों का पञ्चाङ्ग
समय नई दिल्ली (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।