🌐 भाषा

📍 नई दिल्ली शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण द्वादशी · हस्त आज का पंचांगआज का मंत्र
हिन्दी
ट्रेंडिंग

आज का चौघड़िया – जयपुर

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 · कार्तिक कृष्ण चतुर्थी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
शुभसुबह 6:34 – सुबह 7:58शुभ
रोगसुबह 7:58 – सुबह 9:22अशुभ
उद्वेगसुबह 9:22 – सुबह 10:46अशुभ
चरसुबह 10:46 – दोपहर 12:10सामान्य
लाभदोपहर 12:10 – दोपहर 1:34शुभ
अमृतदोपहर 1:34 – दोपहर 2:58शुभ
कालदोपहर 2:58 – शाम 4:22अशुभ
शुभशाम 4:22 – शाम 5:46शुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
अमृतशाम 5:46 – रात 7:22शुभ
चररात 7:22 – रात 8:58सामान्य
रोगरात 8:58 – रात 10:34अशुभ
कालरात 10:34 – रात 12:10 (30 अक्टू॰)अशुभ
लाभरात 12:10 (30 अक्टू॰) – रात 1:46 (30 अक्टू॰)शुभ
उद्वेगरात 1:46 (30 अक्टू॰) – रात 3:22 (30 अक्टू॰)अशुभ
शुभरात 3:22 (30 अक्टू॰) – सुबह 4:59 (30 अक्टू॰)शुभ
अमृतसुबह 4:59 (30 अक्टू॰) – सुबह 6:35 (30 अक्टू॰)शुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

पूछें