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📍 नई दिल्ली शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण द्वादशी · हस्त आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज का चौघड़िया – जयपुर

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 · कार्तिक कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
कालसुबह 6:35 – सुबह 7:59अशुभ
शुभसुबह 7:59 – सुबह 9:23शुभ
रोगसुबह 9:23 – सुबह 10:46अशुभ
उद्वेगसुबह 10:46 – दोपहर 12:10अशुभ
चरदोपहर 12:10 – दोपहर 1:33सामान्य
लाभदोपहर 1:33 – दोपहर 2:57शुभ
अमृतदोपहर 2:57 – शाम 4:21शुभ
कालशाम 4:21 – शाम 5:44अशुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
लाभशाम 5:44 – रात 7:21शुभ
उद्वेगरात 7:21 – रात 8:57अशुभ
शुभरात 8:57 – रात 10:34शुभ
अमृतरात 10:34 – रात 12:10 (1 नव॰)शुभ
चररात 12:10 (1 नव॰) – रात 1:47 (1 नव॰)सामान्य
रोगरात 1:47 (1 नव॰) – रात 3:23 (1 नव॰)अशुभ
कालरात 3:23 (1 नव॰) – सुबह 5:00 (1 नव॰)अशुभ
लाभसुबह 5:00 (1 नव॰) – सुबह 6:36 (1 नव॰)शुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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