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आज का चौघड़िया – जयपुर

रविवार, 1 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
उद्वेगसुबह 6:36 – सुबह 7:59अशुभ
चरसुबह 7:59 – सुबह 9:23सामान्य
लाभसुबह 9:23 – सुबह 10:46शुभ
अमृतसुबह 10:46 – दोपहर 12:10शुभ
कालदोपहर 12:10 – दोपहर 1:33अशुभ
शुभदोपहर 1:33 – दोपहर 2:57शुभ
रोगदोपहर 2:57 – शाम 4:20अशुभ
उद्वेगशाम 4:20 – शाम 5:44अशुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
शुभशाम 5:44 – रात 7:20शुभ
अमृतरात 7:20 – रात 8:57शुभ
चररात 8:57 – रात 10:34सामान्य
रोगरात 10:34 – रात 12:10 (2 नव॰)अशुभ
कालरात 12:10 (2 नव॰) – रात 1:47 (2 नव॰)अशुभ
लाभरात 1:47 (2 नव॰) – रात 3:23 (2 नव॰)शुभ
उद्वेगरात 3:23 (2 नव॰) – सुबह 5:00 (2 नव॰)अशुभ
शुभसुबह 5:00 (2 नव॰) – सुबह 6:37 (2 नव॰)शुभ

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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