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आज का चौघड़िया – जयपुर

सोमवार, 2 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण अष्टमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
अमृतसुबह 6:37 – सुबह 8:00शुभ
कालसुबह 8:00 – सुबह 9:23अशुभ
शुभसुबह 9:23 – सुबह 10:46शुभ
रोगसुबह 10:46 – दोपहर 12:10अशुभ
उद्वेगदोपहर 12:10 – दोपहर 1:33अशुभ
चरदोपहर 1:33 – दोपहर 2:56सामान्य
लाभदोपहर 2:56 – शाम 4:20शुभ
अमृतशाम 4:20 – शाम 5:43शुभ

🌙 रात का चौघड़िया

चौघड़ियासमयफल
चरशाम 5:43 – रात 7:20सामान्य
रोगरात 7:20 – रात 8:57अशुभ
कालरात 8:57 – रात 10:33अशुभ
लाभरात 10:33 – रात 12:10 (3 नव॰)शुभ
उद्वेगरात 12:10 (3 नव॰) – रात 1:47 (3 नव॰)अशुभ
शुभरात 1:47 (3 नव॰) – रात 3:24 (3 नव॰)शुभ
अमृतरात 3:24 (3 नव॰) – सुबह 5:01 (3 नव॰)शुभ
चरसुबह 5:01 (3 नव॰) – सुबह 6:37 (3 नव॰)सामान्य

चौघड़िया क्या है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के रात्रिमान को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग लगभग डेढ़ घंटे का होता है और इसे चौघड़िया कहते हैं। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ कार्यों के लिए उत्तम हैं, चर यात्रा के लिए अच्छा है, जबकि उद्वेग, काल और रोग में नए कार्य शुरू करने से बचा जाता है। गुजरात और राजस्थान में व्यापार, यात्रा और खरीदारी के लिए चौघड़िया विशेष रूप से देखा जाता है।

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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