चैत्र नवरात्रि 2027: बुधवार, 7 अप्रैल 2027
चैत्र नवरात्रि 2027 का महत्व
चैत्र नवरात्रि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होती है। माँ दुर्गा के नौ रूपों – शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक – की पूजा होती है। इसी दिन दक्षिण और पश्चिम भारत में उगादि और गुड़ी पड़वा भी मनाए जाते हैं।
तिथि: 2027 में चैत्र नवरात्रि बुधवार, 7 अप्रैल 2027 को है। मुहूर्त का सटीक समय आपके शहर पर निर्भर करता है।
कैसे मनाते हैं
पहले दिन घटस्थापना कर जौ बोए जाते हैं और नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाई जाती है। हर दिन माँ के एक रूप – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा से सिद्धिदात्री तक – की पूजा होती है। अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन कर व्रत का समापन होता है और नवमी को राम नवमी भी मनाई जाती है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- व्रत में सात्विक भोजन – फल, कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना – लें।
- अखंड ज्योति जलाई हो तो उसे बीच में बुझने न दें।
- प्याज़, लहसुन, मांस और मदिरा से इन नौ दिनों दूर रहें।
🪔 पूजा विधि
- पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) करें
- अखंड ज्योति जलाएँ और जौ (जवारे) बोएँ
- हर दिन देवी के एक रूप की पूजा करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें
- अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन करें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चैत्र नवरात्रि 2027 कब है?
चैत्र नवरात्रि 2027 बुधवार, 7 अप्रैल 2027 को है।
अंतिम अपडेट: 3 नव॰ 2026 · क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथियाँ भिन्न हो सकती हैं।