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धनतेरस 2027: तिथि, पूजा विधि और महत्व

धनतेरस 2027 पर परिवार दिव्य वैद्य धन्वंतरि और देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर की पूजा करके दिवाली सप्ताह का स्वागत करते हैं।

27अक्टू॰ 2027
357 दिन बाद

धनतेरस 2027: बुधवार, 27 अक्टूबर 2027

धनतेरस 2027 का महत्व

यह नाम 'धन' और 'तेरस' (त्रयोदशी तिथि) से मिलकर बना है। आयुर्वेद के जनक धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए आयुर्वेद से जुड़े लोग इस दिन को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाते हैं।

एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार राजा हिमा के पुत्र की विवाह की चौथी रात मृत्यु निश्चित थी। उसकी पत्नी ने उसे कहानियाँ सुनाकर जगाए रखा और द्वार पर अपने गहनों का ढेर लगा दिया; सर्प रूप में आए यमराज चमक से चकित होकर लौट गए। इस शाम यम के लिए जलाए जाने वाले दीप इसी कथा की याद दिलाते हैं।

धनतेरस 2027 की तिथि: बुधवार, 27 अक्टूबर 2027। मुहूर्त का सटीक समय जानने के लिए अपने स्थानीय पंचांग देखें।

कैसे मनाते हैं

दिवाली सप्ताह की शुरुआत इसी शाम से होती है। घर साफ़ कर प्रवेश द्वार पर लक्ष्मी जी के छोटे पदचिह्न बनाए जाते हैं, शाम को धन्वंतरि और कुबेर की पूजा कर तेरह दीये जलाए जाते हैं। बाज़ार देर रात तक खुले रहते हैं, जहाँ लोग धातु के बर्तन, सिक्के, झाड़ू और गोमती चक्र खरीदते हैं।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • काँच या प्लास्टिक की वस्तुओं के बजाय धातु की चीज़ें खरीदना शुभ माना जाता है।
  • पूजा में धनिया के बीज रखें और बाद में उन्हें गमले में बो दें।
  • स्वास्थ्य के देवता धन्वंतरि की पूजा कर परिवार के अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें।

🪔 पूजा विधि

  1. घर और द्वार की सफाई करें – लक्ष्मी केवल स्वच्छ घर में प्रवेश करती हैं
  2. पूजा स्थान पर नई झाड़ू, स्टील या पीतल का बर्तन या चाँदी का सिक्का रखें
  3. सूर्यास्त के बाद धन्वंतरि और कुबेर को हल्दी, चावल और मिठाई अर्पित करें
  4. यमराज के लिए द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर आटे का दीया जलाएँ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में धनतेरस की तिथि क्या है?

2027 में धनतेरस बुधवार, 27 अक्टूबर 2027 को है।

अंतिम अपडेट: 3 नव॰ 2026 · क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथियाँ भिन्न हो सकती हैं।