25अग॰ 2027
294 दिन बाद
कृष्ण जन्माष्टमी 2027: बुधवार, 25 अगस्त 2027
कृष्ण जन्माष्टमी 2027 का महत्व
कृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में कंस के कारागार में हुआ था। भक्त व्रत रखते हैं और आधी रात को भजन और झूलन के साथ जन्मोत्सव मनाते हैं।
तिथि: 2027 में कृष्ण जन्माष्टमी बुधवार, 25 अगस्त 2027 को है। मुहूर्त का सटीक समय आपके शहर पर निर्भर करता है।
कैसे मनाते हैं
भक्त दिन भर व्रत रखते हैं, मंदिरों और घरों में झाँकियाँ सजाई जाती हैं और आधी रात को कृष्ण जन्म के समय शंख, घंटियाँ और 'नंद के आनंद भयो' गूँजता है। लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर नए वस्त्र पहनाए जाते हैं और पालने में झुलाया जाता है। अगले दिन महाराष्ट्र में दही-हांडी उत्सव होता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- व्रत आधी रात की पूजा के बाद या अगले दिन सूर्योदय पर खोलें।
- भोग में माखन-मिश्री, पंजीरी और तुलसी दल अवश्य रखें।
- स्मार्त और वैष्णव परंपरा की तिथि अलग हो सकती है, स्थानीय पंचांग देखें।
🪔 पूजा विधि
- दिन भर व्रत रखें
- लड्डू गोपाल के लिए पालना सजाएँ
- आधी रात को भगवान का पंचामृत से स्नान कराएँ
- माखन-मिश्री और छप्पन भोग अर्पित करें, फिर व्रत खोलें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कृष्ण जन्माष्टमी 2027 कब है?
कृष्ण जन्माष्टमी 2027 बुधवार, 25 अगस्त 2027 को है।
अंतिम अपडेट: 3 नव॰ 2026 · क्षेत्र और परंपरा के अनुसार तिथियाँ भिन्न हो सकती हैं।