आज की होरा – भोपाल
शुक्रवार, 18 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष शुक्ल नवमी · विक्रम संवत 2083
☀️ दिन की होरा
| होरा | समय | किस काम के लिए अच्छी |
|---|---|---|
| शुक्र | सुबह 6:55 – सुबह 7:49 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम |
| बुध | सुबह 7:49 – सुबह 8:42 | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार |
| चंद्र | सुबह 8:42 – सुबह 9:36 | यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट |
| शनि | सुबह 9:36 – सुबह 10:29 | मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य |
| गुरु | सुबह 10:29 – सुबह 11:23 | पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश |
| मंगल | सुबह 11:23 – दोपहर 12:16 | भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना |
| सूर्य | दोपहर 12:16 – दोपहर 1:10 | सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम |
| शुक्र | दोपहर 1:10 – दोपहर 2:03 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम |
| बुध | दोपहर 2:03 – दोपहर 2:57 | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार |
| चंद्र | दोपहर 2:57 – दोपहर 3:51 | यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट |
| शनि | दोपहर 3:51 – शाम 4:44 | मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य |
| गुरु | शाम 4:44 – शाम 5:38 | पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश |
🌙 रात की होरा
| होरा | समय | किस काम के लिए अच्छी |
|---|---|---|
| मंगल | शाम 5:38 – शाम 6:44 | भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना |
| सूर्य | शाम 6:44 – रात 7:51 | सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम |
| शुक्र | रात 7:51 – रात 8:57 | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम |
| बुध | रात 8:57 – रात 10:04 | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार |
| चंद्र | रात 10:04 – रात 11:10 | यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट |
| शनि | रात 11:10 – रात 12:17 (19 दिस॰) | मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य |
| गुरु | रात 12:17 (19 दिस॰) – रात 1:23 (19 दिस॰) | पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश |
| मंगल | रात 1:23 (19 दिस॰) – रात 2:30 (19 दिस॰) | भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना |
| सूर्य | रात 2:30 (19 दिस॰) – रात 3:36 (19 दिस॰) | सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम |
| शुक्र | रात 3:36 (19 दिस॰) – सुबह 4:43 (19 दिस॰) | कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम |
| बुध | सुबह 4:43 (19 दिस॰) – सुबह 5:49 (19 दिस॰) | पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार |
| चंद्र | सुबह 5:49 (19 दिस॰) – सुबह 6:56 (19 दिस॰) | यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट |
होरा क्या है?
दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।
🌆 प्रमुख शहरों का होरा
समय भोपाल (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।