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📍 नई दिल्ली शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण द्वादशी · हस्त आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज की होरा – गुवाहाटी

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
चंद्रसुबह 5:20 – सुबह 6:18यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिसुबह 6:18 – सुबह 7:16मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुसुबह 7:16 – सुबह 8:14पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 8:14 – सुबह 9:13भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 9:13 – सुबह 10:11सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 10:11 – सुबह 11:09कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 11:09 – दोपहर 12:07पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रदोपहर 12:07 – दोपहर 1:05यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिदोपहर 1:05 – दोपहर 2:03मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुदोपहर 2:03 – दोपहर 3:02पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलदोपहर 3:02 – शाम 4:00भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यशाम 4:00 – शाम 4:58सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
शुक्रशाम 4:58 – शाम 6:00कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधशाम 6:00 – रात 7:02पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 7:02 – रात 8:04यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 8:04 – रात 9:05मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 9:05 – रात 10:07पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 10:07 – रात 11:09भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 11:09 – रात 12:11 (13 अक्टू॰)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 12:11 (13 अक्टू॰) – रात 1:13 (13 अक्टू॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 1:13 (13 अक्टू॰) – रात 2:15 (13 अक्टू॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 2:15 (13 अक्टू॰) – रात 3:17 (13 अक्टू॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 3:17 (13 अक्टू॰) – सुबह 4:19 (13 अक्टू॰)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुसुबह 4:19 (13 अक्टू॰) – सुबह 5:20 (13 अक्टू॰)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय गुवाहाटी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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