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आज की होरा – गुवाहाटी

बुधवार, 4 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
बुधसुबह 5:33 – सुबह 6:29पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रसुबह 6:29 – सुबह 7:24यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिसुबह 7:24 – सुबह 8:20मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुसुबह 8:20 – सुबह 9:15पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 9:15 – सुबह 10:11भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 10:11 – सुबह 11:06सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 11:06 – दोपहर 12:01कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधदोपहर 12:01 – दोपहर 12:57पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रदोपहर 12:57 – दोपहर 1:52यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिदोपहर 1:52 – दोपहर 2:48मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुदोपहर 2:48 – दोपहर 3:43पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलदोपहर 3:43 – शाम 4:39भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
सूर्यशाम 4:39 – शाम 5:43सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रशाम 5:43 – शाम 6:48कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधशाम 6:48 – रात 7:53पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 7:53 – रात 8:57यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 8:57 – रात 10:02मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 10:02 – रात 11:06पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 11:06 – रात 12:11 (5 नव॰)भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 12:11 (5 नव॰) – रात 1:15 (5 नव॰)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 1:15 (5 नव॰) – रात 2:20 (5 नव॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 2:20 (5 नव॰) – रात 3:25 (5 नव॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 3:25 (5 नव॰) – सुबह 4:29 (5 नव॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिसुबह 4:29 (5 नव॰) – सुबह 5:34 (5 नव॰)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय गुवाहाटी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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