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📍 नई दिल्ली शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण द्वादशी · हस्त आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज की होरा – गुवाहाटी

सोमवार, 30 नवंबर 2026 · मार्गशीर्ष कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2083

☀️ दिन की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
चंद्रसुबह 5:52 – सुबह 6:45यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिसुबह 6:45 – सुबह 7:38मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुसुबह 7:38 – सुबह 8:31पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलसुबह 8:31 – सुबह 9:25भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यसुबह 9:25 – सुबह 10:18सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्रसुबह 10:18 – सुबह 11:11कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधसुबह 11:11 – दोपहर 12:04पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रदोपहर 12:04 – दोपहर 12:57यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिदोपहर 12:57 – दोपहर 1:51मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुदोपहर 1:51 – दोपहर 2:44पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलदोपहर 2:44 – दोपहर 3:37भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यदोपहर 3:37 – शाम 4:30सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम

🌙 रात की होरा

होरासमयकिस काम के लिए अच्छी
शुक्रशाम 4:30 – शाम 5:37कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधशाम 5:37 – शाम 6:44पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्रशाम 6:44 – रात 7:51यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 7:51 – रात 8:58मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुरात 8:58 – रात 10:05पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश
मंगलरात 10:05 – रात 11:11भूमि, साहस के काम, खेल, विवाद सुलझाना
सूर्यरात 11:11 – रात 12:18 (1 दिस॰)सरकारी कार्य, नेतृत्व, पिता से जुड़े काम
शुक्ररात 12:18 (1 दिस॰) – रात 1:25 (1 दिस॰)कला, सौंदर्य, वाहन-वस्त्र की खरीद, प्रेम
बुधरात 1:25 (1 दिस॰) – रात 2:32 (1 दिस॰)पढ़ाई, लेखन, व्यापार, संचार
चंद्ररात 2:32 (1 दिस॰) – रात 3:39 (1 दिस॰)यात्रा, जल से जुड़े काम, माता से भेंट
शनिरात 3:39 (1 दिस॰) – सुबह 4:46 (1 दिस॰)मेहनत वाले काम, मशीनरी, सेवा कार्य
गुरुसुबह 4:46 (1 दिस॰) – सुबह 5:53 (1 दिस॰)पूजा, शिक्षा, विवाह की बात, निवेश

होरा क्या है?

दिन और रात को बारह-बारह भागों में बाँटकर हर भाग को एक ग्रह की होरा कहा जाता है। सूर्योदय के समय उसी वार के स्वामी ग्रह की होरा होती है – जैसे रविवार को सूर्य की, सोमवार को चंद्र की। उसके बाद क्रम से शुक्र, बुध, चंद्र, शनि, गुरु, मंगल और फिर सूर्य की होरा आती है। जिस ग्रह से जुड़ा काम हो, उसकी होरा में करना शुभ माना जाता है।

समय गुवाहाटी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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