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👶 नामकरण मुहूर्त तिथियाँ और समय – उज्जैन

नामकरण नवजात शिशु का नाम रखने का संस्कार है, जो सोलह हिंदू संस्कारों में से एक है। परंपरागत रूप से यह जन्म के 11वें या 12वें दिन किया जाता है, तब अलग मुहूर्त की ज़रूरत नहीं होती; अन्यथा कोई शुभ तिथि…

📍 आपके शहर के अनुसार मुहूर्त का सटीक समय

समय उज्जैन के अनुसार है: देशांतर के हिसाब से नई दिल्ली से 6 मिनट बाद। तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में एक ही क्षण बदलते हैं, इसलिए ऐसे बदलाव के पास का मुहूर्त हो तो अंतिम समय पुरोहित जी से पक्का कर लें।

नामकरण मुहूर्त – नवंबर 2026

दिनांकउज्जैन में समयनक्षत्रतिथिउज्जैन का पंचांग
6 नव॰, शुक्र सुबह 7:35 – सुबह 9:54 हस्तकृष्ण द्वादशी सूर्योदय सुबह 6:34
अभिजीत सुबह 11:47 – दोपहर 12:32
राहुकाल सुबह 10:46 – दोपहर 12:10 (टालें)
11 नव॰, बुध सुबह 7:16 – सुबह 9:34 अनुराधाशुक्ल द्वितीया सूर्योदय सुबह 6:37
राहुकाल दोपहर 12:10 – दोपहर 1:33 (टालें)

मुहूर्त का समय आपके शहर और पारिवारिक परंपरा पर निर्भर करता है। अंतिम समय अपने पुरोहित से अवश्य पूछें।

नामकरण मुहूर्त के बारे में

नामकरण नवजात शिशु का नाम रखने का संस्कार है, जो सोलह हिंदू संस्कारों में से एक है। परंपरागत रूप से यह जन्म के 11वें या 12वें दिन किया जाता है, तब अलग मुहूर्त की ज़रूरत नहीं होती; अन्यथा कोई शुभ तिथि चुनी जाती है।

अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, हस्त, अनुराधा और श्रवण जैसे सौम्य नक्षत्र तथा सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार जैसे दिन उत्तम माने जाते हैं। नाम का पहला अक्षर अक्सर शिशु के जन्म नक्षत्र से चुना जाता है।

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