आज का पञ्चाङ्ग – देहरादून
रविवार, 2 मई 2027 · वैशाख कृष्ण एकादशी · विक्रम संवत 2084
⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा कुम्भ राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।
रविवार, 2 मई 2027, देहरादून: कृष्ण एकादशी तिथि (रात 7:52 तक), पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र, इन्द्र योग। राहुकाल शाम 5:15 – शाम 6:56।
सूर्योदय सुबह 5:34 · सूर्यास्त शाम 6:56 · चंद्र राशि कुम्भ
पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
Five limbs of the dayतिथिTithi
कृष्ण एकादशीरात 7:52 तक, फिर द्वादशी
वारVara
रविवार
नक्षत्रNakshatra
पूर्वा भाद्रपदरात 2:39 (3 मई) तक, फिर उत्तरा भाद्रपद
योगYoga
इन्द्रशाम 6:27 तक
करणKarana
बवसुबह 7:29 तक, फिर बालव
पक्षPaksha
कृष्ण पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
कुम्भ
ऋतुRitu
वसन्त
सूर्य और चंद्र
Sun & Moonसूर्योदयसुबह 5:34
सूर्यास्तशाम 6:56
सूर्य राशिमेष
चंद्र राशिकुम्भ
हिन्दू कैलेंडर
Hindu calendarविक्रम संवत2084
शक संवत1949
मास (अमांत)चैत्र
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
ऋतुवसन्त
पक्षकृष्ण पक्ष
दिशा शूलपश्चिम
पंचकहाँ, आज पंचक है
शुभ और अशुभ समय
Muhurat & Rahu Kaalब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaरात 3:58 – सुबह 4:46
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:48 – दोपहर 12:41
राहुकालRahu Kaalशाम 5:15 – शाम 6:56
यमगण्डYamagandaदोपहर 12:15 – दोपहर 1:55
गुलिक कालGulika Kaalदोपहर 3:35 – शाम 5:15
🧭 वास और शूल
| दिशा शूल | पश्चिम – आज इस दिशा की यात्रा टालें |
|---|---|
| शिववास | कैलाश पर (शुभ – रुद्राभिषेक हेतु) |
| अग्निवास | पृथ्वी पर (शुभ – हवन कर सकते हैं) |
| पंचक | हाँ, आज पंचक है |
🌕 चन्द्रबल
आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
🕐 आज का चौघड़िया (दिन)
दिन + रात देखें →उद्वेगसुबह 5:34 – सुबह 7:14
चरसुबह 7:14 – सुबह 8:54
लाभसुबह 8:54 – सुबह 10:34
अमृतसुबह 10:34 – दोपहर 12:15
कालदोपहर 12:15 – दोपहर 1:55
शुभदोपहर 1:55 – दोपहर 3:35
रोगदोपहर 3:35 – शाम 5:15
उद्वेगशाम 5:15 – शाम 6:56
🪔 आने वाले व्रत-त्योहार
हिन्दू कैलेंडर →- वरूथिनी एकादशी2 मई, रवि
- सोम प्रदोष3 मई, सोम
- वैशाख अमावस्या6 मई, गुरु
- अक्षय तृतीया 20279 मई, रवि
- मोहिनी एकादशी16 मई, रवि
- सोम प्रदोष17 मई, सोम
- वैशाख पूर्णिमा20 मई, गुरु
- बुद्ध पूर्णिमा 202720 मई, गुरु
🌆 प्रमुख शहरों का पञ्चाङ्ग
समय देहरादून (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।