आज का पञ्चाङ्ग – देहरादून
सोमवार, 3 मई 2027 · वैशाख कृष्ण द्वादशी · विक्रम संवत 2084
⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा मीन राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।
सोमवार, 3 मई 2027, देहरादून: कृष्ण द्वादशी तिथि (रात 8:04 तक), उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, वैधृति योग। राहुकाल सुबह 7:13 – सुबह 8:54।
सूर्योदय सुबह 5:33 · सूर्यास्त शाम 6:56 · चंद्र राशि मीन
पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
Five limbs of the dayतिथिTithi
कृष्ण द्वादशीरात 8:04 तक, फिर त्रयोदशी
वारVara
सोमवार
नक्षत्रNakshatra
उत्तरा भाद्रपदरात 3:18 (4 मई) तक, फिर रेवती
योगYoga
वैधृतिशाम 5:38 तक
करणKarana
कौलवसुबह 8:04 तक, फिर तैतिल
पक्षPaksha
कृष्ण पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
मीन
ऋतुRitu
वसन्त
सूर्य और चंद्र
Sun & Moonसूर्योदयसुबह 5:33
सूर्यास्तशाम 6:56
सूर्य राशिमेष
चंद्र राशिमीन
हिन्दू कैलेंडर
Hindu calendarविक्रम संवत2084
शक संवत1949
मास (अमांत)चैत्र
मास (पूर्णिमांत)वैशाख
ऋतुवसन्त
पक्षकृष्ण पक्ष
दिशा शूलपूर्व
पंचकहाँ, आज पंचक है
शुभ और अशुभ समय
Muhurat & Rahu Kaalब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaरात 3:57 – सुबह 4:45
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:48 – दोपहर 12:41
राहुकालRahu Kaalसुबह 7:13 – सुबह 8:54
यमगण्डYamagandaसुबह 10:34 – दोपहर 12:15
गुलिक कालGulika Kaalदोपहर 1:55 – दोपहर 3:35
🧭 वास और शूल
| दिशा शूल | पूर्व – आज इस दिशा की यात्रा टालें |
|---|---|
| शिववास | वृषभ पर आरूढ़ (शुभ – रुद्राभिषेक हेतु) |
| अग्निवास | पाताल में (अशुभ) |
| पंचक | हाँ, आज पंचक है |
🌕 चन्द्रबल
आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
🕐 आज का चौघड़िया (दिन)
दिन + रात देखें →अमृतसुबह 5:33 – सुबह 7:13
कालसुबह 7:13 – सुबह 8:54
शुभसुबह 8:54 – सुबह 10:34
रोगसुबह 10:34 – दोपहर 12:15
उद्वेगदोपहर 12:15 – दोपहर 1:55
चरदोपहर 1:55 – दोपहर 3:35
लाभदोपहर 3:35 – शाम 5:16
अमृतशाम 5:16 – शाम 6:56
🪔 आने वाले व्रत-त्योहार
हिन्दू कैलेंडर →- सोम प्रदोष3 मई, सोम
- वैशाख अमावस्या6 मई, गुरु
- अक्षय तृतीया 20279 मई, रवि
- मोहिनी एकादशी16 मई, रवि
- सोम प्रदोष17 मई, सोम
- बुद्ध पूर्णिमा 202720 मई, गुरु
- वैशाख पूर्णिमा20 मई, गुरु
- एकदंत संकष्टी23 मई, रवि
🌆 प्रमुख शहरों का पञ्चाङ्ग
समय देहरादून (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।