आज का पञ्चाङ्ग – इंदौर
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 · श्रावण शुक्ल पूर्णिमा · विक्रम संवत 2083
⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा कुम्भ राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026, इंदौर: शुक्ल पूर्णिमा तिथि (सुबह 9:48 तक), शतभिषा नक्षत्र, अतिगण्ड योग। राहुकाल सुबह 10:52 – दोपहर 12:27।
सूर्योदय सुबह 6:07 · सूर्यास्त शाम 6:47 · चंद्र राशि कुम्भ
पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
Five limbs of the dayतिथिTithi
शुक्ल पूर्णिमासुबह 9:48 तक, फिर प्रतिपदा
वारVara
शुक्रवार
नक्षत्रNakshatra
शतभिषारात 3:12 (29 अग॰) तक, फिर पूर्वा भाद्रपद
योगYoga
अतिगण्डसुबह 7:26 तक
करणKarana
बवसुबह 9:48 तक, फिर बालव
पक्षPaksha
शुक्ल पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
कुम्भ
ऋतुRitu
वर्षा
सूर्य और चंद्र
Sun & Moonसूर्योदयसुबह 6:07
सूर्यास्तशाम 6:47
सूर्य राशिसिंह
चंद्र राशिकुम्भ
हिन्दू कैलेंडर
Hindu calendarविक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)श्रावण
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
ऋतुवर्षा
पक्षशुक्ल पक्ष
दिशा शूलपश्चिम
पंचकहाँ, आज पंचक है
शुभ और अशुभ समय
Muhurat & Rahu Kaalब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 4:31 – सुबह 5:19
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaदोपहर 12:02 – दोपहर 12:53
राहुकालRahu Kaalसुबह 10:52 – दोपहर 12:27
यमगण्डYamagandaदोपहर 3:37 – शाम 5:12
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 7:42 – सुबह 9:17
🧭 वास और शूल
| दिशा शूल | पश्चिम – आज इस दिशा की यात्रा टालें |
|---|---|
| शिववास | श्मशान में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु) |
| अग्निवास | पाताल में (अशुभ) |
| पंचक | हाँ, आज पंचक है |
🌕 चन्द्रबल
आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
🕐 आज का चौघड़िया (दिन)
दिन + रात देखें →चरसुबह 6:07 – सुबह 7:42
लाभसुबह 7:42 – सुबह 9:17
अमृतसुबह 9:17 – सुबह 10:52
कालसुबह 10:52 – दोपहर 12:27
शुभदोपहर 12:27 – दोपहर 2:02
रोगदोपहर 2:02 – दोपहर 3:37
उद्वेगदोपहर 3:37 – शाम 5:12
चरशाम 5:12 – शाम 6:47
🪔 आने वाले व्रत-त्योहार
हिन्दू कैलेंडर →- रमा एकादशी5 नव॰, गुरु
- धनतेरस 20266 नव॰, शुक्र
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) 20267 नव॰, शनि
- शनि प्रदोष7 नव॰, शनि
- दिवाली 20268 नव॰, रवि
- गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) 202610 नव॰, मंगल
- भाई दूज 202611 नव॰, बुध
- छठ पूजा 202615 नव॰, रवि
🌆 प्रमुख शहरों का पञ्चाङ्ग
समय इंदौर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।