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📍 नई दिल्ली शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण द्वादशी · हस्त आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज का पञ्चाङ्ग – इंदौर

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 · श्रावण शुक्ल पूर्णिमा · विक्रम संवत 2083

⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा कुम्भ राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026, इंदौर: शुक्ल पूर्णिमा तिथि (सुबह 9:48 तक), शतभिषा नक्षत्र, अतिगण्ड योग। राहुकाल सुबह 10:52 – दोपहर 12:27।

सूर्योदय सुबह 6:07 · सूर्यास्त शाम 6:47 · चंद्र राशि कुम्भ

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग

Five limbs of the day
तिथिTithi
शुक्ल पूर्णिमासुबह 9:48 तक, फिर प्रतिपदा
वारVara
शुक्रवार
नक्षत्रNakshatra
शतभिषारात 3:12 (29 अग॰) तक, फिर पूर्वा भाद्रपद
योगYoga
अतिगण्डसुबह 7:26 तक
करणKarana
बवसुबह 9:48 तक, फिर बालव
पक्षPaksha
शुक्ल पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
कुम्भ
ऋतुRitu
वर्षा

सूर्य और चंद्र

Sun & Moon
↑ सुबह 6:07दिनमान 12h 39m↓ शाम 6:47
सूर्योदयसुबह 6:07
सूर्यास्तशाम 6:47
सूर्य राशिसिंह
चंद्र राशिकुम्भ

हिन्दू कैलेंडर

Hindu calendar
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)श्रावण
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
ऋतुवर्षा
पक्षशुक्ल पक्ष
दिशा शूलपश्चिम
पंचकहाँ, आज पंचक है

शुभ और अशुभ समय

Muhurat & Rahu Kaal
ब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 4:31 – सुबह 5:19
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaदोपहर 12:02 – दोपहर 12:53
राहुकालRahu Kaalसुबह 10:52 – दोपहर 12:27
यमगण्डYamagandaदोपहर 3:37 – शाम 5:12
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 7:42 – सुबह 9:17

🧭 वास और शूल

दिशा शूलपश्चिम – आज इस दिशा की यात्रा टालें
शिववासश्मशान में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु)
अग्निवासपाताल में (अशुभ)
पंचकहाँ, आज पंचक है

🌕 चन्द्रबल

आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:

मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ

चंद्रमा आपकी राशि से 1, 3, 6, 7, 10 या 11वें भाव में हो तो चन्द्रबल शुभ माना जाता है।

🕐 आज का चौघड़िया (दिन)

दिन + रात देखें →
चरसुबह 6:07 – सुबह 7:42
लाभसुबह 7:42 – सुबह 9:17
अमृतसुबह 9:17 – सुबह 10:52
कालसुबह 10:52 – दोपहर 12:27
शुभदोपहर 12:27 – दोपहर 2:02
रोगदोपहर 2:02 – दोपहर 3:37
उद्वेगदोपहर 3:37 – शाम 5:12
चरशाम 5:12 – शाम 6:47

🪔 आने वाले व्रत-त्योहार

हिन्दू कैलेंडर →

समय इंदौर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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