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📍 नई दिल्ली शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण द्वादशी · हस्त आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज का पञ्चाङ्ग – इंदौर

रविवार, 30 अगस्त 2026 · भाद्रपद कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2083

⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा मीन राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।

रविवार, 30 अगस्त 2026, इंदौर: कृष्ण द्वितीया तिथि (सुबह 9:37 तक), उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, शूल योग। राहुकाल शाम 5:11 – शाम 6:45।

सूर्योदय सुबह 6:08 · सूर्यास्त शाम 6:45 · चंद्र राशि मीन

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग

Five limbs of the day
तिथिTithi
कृष्ण द्वितीयासुबह 9:37 तक, फिर तृतीया
वारVara
रविवार
नक्षत्रNakshatra
उत्तरा भाद्रपदरात 3:44 (31 अग॰) तक, फिर रेवती
योगYoga
शूलरात 3:44 (31 अग॰) तक
करणKarana
गरसुबह 9:37 तक, फिर वणिज
पक्षPaksha
कृष्ण पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
मीन
ऋतुRitu
वर्षा

सूर्य और चंद्र

Sun & Moon
↑ सुबह 6:08दिनमान 12h 37m↓ शाम 6:45
सूर्योदयसुबह 6:08
सूर्यास्तशाम 6:45
सूर्य राशिसिंह
चंद्र राशिमीन

हिन्दू कैलेंडर

Hindu calendar
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)श्रावण
मास (पूर्णिमांत)भाद्रपद
ऋतुवर्षा
पक्षकृष्ण पक्ष
दिशा शूलपश्चिम
पंचकहाँ, आज पंचक है

शुभ और अशुभ समय

Muhurat & Rahu Kaal
ब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 4:32 – सुबह 5:20
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaदोपहर 12:01 – दोपहर 12:52
राहुकालRahu Kaalशाम 5:11 – शाम 6:45
यमगण्डYamagandaदोपहर 12:27 – दोपहर 2:01
गुलिक कालGulika Kaalदोपहर 3:36 – शाम 5:11

🧭 वास और शूल

दिशा शूलपश्चिम – आज इस दिशा की यात्रा टालें
शिववाससभा में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु)
अग्निवासपृथ्वी पर (शुभ – हवन कर सकते हैं)
पंचकहाँ, आज पंचक है

🌕 चन्द्रबल

आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:

वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन

चंद्रमा आपकी राशि से 1, 3, 6, 7, 10 या 11वें भाव में हो तो चन्द्रबल शुभ माना जाता है।

🕐 आज का चौघड़िया (दिन)

दिन + रात देखें →
उद्वेगसुबह 6:08 – सुबह 7:43
चरसुबह 7:43 – सुबह 9:17
लाभसुबह 9:17 – सुबह 10:52
अमृतसुबह 10:52 – दोपहर 12:27
कालदोपहर 12:27 – दोपहर 2:01
शुभदोपहर 2:01 – दोपहर 3:36
रोगदोपहर 3:36 – शाम 5:11
उद्वेगशाम 5:11 – शाम 6:45

🪔 आने वाले व्रत-त्योहार

हिन्दू कैलेंडर →

समय इंदौर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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