आज का पञ्चाङ्ग – जयपुर
बुधवार, 11 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2083
बुधवार, 11 नवंबर 2026, जयपुर: शुक्ल द्वितीया तिथि (दोपहर 3:53 तक), अनुराधा नक्षत्र, अतिगण्ड योग। राहुकाल दोपहर 12:10 – दोपहर 1:32।
सूर्योदय सुबह 6:43 · सूर्यास्त शाम 5:38 · चंद्र राशि वृश्चिक
पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
Five limbs of the dayतिथिTithi
शुक्ल द्वितीयादोपहर 3:53 तक, फिर तृतीया
वारVara
बुधवार
नक्षत्रNakshatra
अनुराधासुबह 11:37 तक, फिर ज्येष्ठा
योगYoga
अतिगण्डरात 3:39 (12 नव॰) तक
करणKarana
कौलवदोपहर 3:53 तक, फिर तैतिल
पक्षPaksha
शुक्ल पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
वृश्चिक
ऋतुRitu
शरद
सूर्य और चंद्र
Sun & Moonसूर्योदयसुबह 6:43
सूर्यास्तशाम 5:38
सूर्य राशितुला
चंद्र राशिवृश्चिक
हिन्दू कैलेंडर
Hindu calendarविक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
ऋतुशरद
पक्षशुक्ल पक्ष
दिशा शूलउत्तर
पंचकनहीं
शुभ और अशुभ समय
Muhurat & Rahu Kaalब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 5:07 – सुबह 5:55
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaबुधवार को अभिजीत शुभ नहीं माना जाता
राहुकालRahu Kaalदोपहर 12:10 – दोपहर 1:32
यमगण्डYamagandaसुबह 8:05 – सुबह 9:27
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 10:48 – दोपहर 12:10
🧭 वास और शूल
| दिशा शूल | उत्तर – आज इस दिशा की यात्रा टालें |
|---|---|
| शिववास | गौरी के साथ (शुभ – रुद्राभिषेक हेतु) |
| अग्निवास | पृथ्वी पर (शुभ – हवन कर सकते हैं) |
| पंचक | नहीं |
🌕 चन्द्रबल
आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
🕐 आज का चौघड़िया (दिन)
दिन + रात देखें →लाभसुबह 6:43 – सुबह 8:05
अमृतसुबह 8:05 – सुबह 9:27
कालसुबह 9:27 – सुबह 10:48
शुभसुबह 10:48 – दोपहर 12:10
रोगदोपहर 12:10 – दोपहर 1:32
उद्वेगदोपहर 1:32 – दोपहर 2:54
चरदोपहर 2:54 – शाम 4:16
लाभशाम 4:16 – शाम 5:38
🪔 आने वाले व्रत-त्योहार
हिन्दू कैलेंडर →- भाई दूज 202611 नव॰, बुध
- छठ पूजा 202615 नव॰, रवि
- देव उठनी एकादशी20 नव॰, शुक्र
- देव उठनी एकादशी 202620 नव॰, शुक्र
- तुलसी विवाह 202621 नव॰, शनि
- सोम प्रदोष22 नव॰, रवि
- कार्तिक पूर्णिमा24 नव॰, मंगल
- कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली) 202624 नव॰, मंगल
🌆 प्रमुख शहरों का पञ्चाङ्ग
समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।