🌐 भाषा

📍 नई दिल्ली शनिवार, 7 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा आज का पंचांगआज का मंत्र
हिन्दी
ट्रेंडिंग

आज का पञ्चाङ्ग – जयपुर

गुरुवार, 19 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल नवमी · विक्रम संवत 2083

⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा कुम्भ राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।

गुरुवार, 19 नवंबर 2026, जयपुर: शुक्ल नवमी तिथि (सुबह 7:06 तक), पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र, व्याघात योग। राहुकाल दोपहर 1:32 – दोपहर 2:53।

सूर्योदय सुबह 6:49 · सूर्यास्त शाम 5:34 · चंद्र राशि कुम्भ

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग

Five limbs of the day
तिथिTithi
शुक्ल नवमीसुबह 7:06 तक, फिर दशमी
वारVara
गुरुवार
नक्षत्रNakshatra
पूर्वा भाद्रपदसुबह 6:55 (20 नव॰) तक, फिर उत्तरा भाद्रपद
योगYoga
व्याघातसुबह 7:41 तक
करणKarana
कौलवसुबह 7:06 तक, फिर तैतिल
पक्षPaksha
शुक्ल पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
कुम्भ
ऋतुRitu
शरद

सूर्य और चंद्र

Sun & Moon
↑ सुबह 6:49दिनमान 10h 45m↓ शाम 5:34
सूर्योदयसुबह 6:49
सूर्यास्तशाम 5:34
सूर्य राशिवृश्चिक
चंद्र राशिकुम्भ

हिन्दू कैलेंडर

Hindu calendar
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
ऋतुशरद
पक्षशुक्ल पक्ष
दिशा शूलदक्षिण
पंचकहाँ, आज पंचक है

शुभ और अशुभ समय

Muhurat & Rahu Kaal
ब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 5:13 – सुबह 6:01
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:50 – दोपहर 12:33
राहुकालRahu Kaalदोपहर 1:32 – दोपहर 2:53
यमगण्डYamagandaसुबह 6:49 – सुबह 8:10
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 9:30 – सुबह 10:51

🧭 वास और शूल

दिशा शूलदक्षिण – आज इस दिशा की यात्रा टालें
शिववासगौरी के साथ (शुभ – रुद्राभिषेक हेतु)
अग्निवासपृथ्वी पर (शुभ – हवन कर सकते हैं)
पंचकहाँ, आज पंचक है

🌕 चन्द्रबल

आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:

मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ

चंद्रमा आपकी राशि से 1, 3, 6, 7, 10 या 11वें भाव में हो तो चन्द्रबल शुभ माना जाता है।

🕐 आज का चौघड़िया (दिन)

दिन + रात देखें →
शुभसुबह 6:49 – सुबह 8:10
रोगसुबह 8:10 – सुबह 9:30
उद्वेगसुबह 9:30 – सुबह 10:51
चरसुबह 10:51 – दोपहर 12:12
लाभदोपहर 12:12 – दोपहर 1:32
अमृतदोपहर 1:32 – दोपहर 2:53
कालदोपहर 2:53 – शाम 4:14
शुभशाम 4:14 – शाम 5:34

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

पूछें