🌐 भाषा

📍 नई दिल्ली शनिवार, 7 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा आज का पंचांगआज का मंत्र
हिन्दी
ट्रेंडिंग

आज का पञ्चाङ्ग – जयपुर

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल दशमी · विक्रम संवत 2083

⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा मीन राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।

शुक्रवार, 20 नवंबर 2026, जयपुर: शुक्ल दशमी तिथि (सुबह 7:16 तक), पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र, वज्र योग। राहुकाल सुबह 10:51 – दोपहर 12:12।

सूर्योदय सुबह 6:50 · सूर्यास्त शाम 5:34 · चंद्र राशि मीन

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग

Five limbs of the day
तिथिTithi
शुक्ल दशमीसुबह 7:16 तक, फिर एकादशी
वारVara
शुक्रवार
नक्षत्रNakshatra
पूर्वा भाद्रपदसुबह 6:55 तक, फिर उत्तरा भाद्रपद
योगYoga
वज्रसुबह 4:54 (21 नव॰) तक
करणKarana
गरसुबह 7:16 तक, फिर वणिज
पक्षPaksha
शुक्ल पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
मीन
ऋतुRitu
शरद

सूर्य और चंद्र

Sun & Moon
↑ सुबह 6:50दिनमान 10h 44m↓ शाम 5:34
सूर्योदयसुबह 6:50
सूर्यास्तशाम 5:34
सूर्य राशिवृश्चिक
चंद्र राशिमीन

हिन्दू कैलेंडर

Hindu calendar
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
ऋतुशरद
पक्षशुक्ल पक्ष
दिशा शूलपश्चिम
पंचकहाँ, आज पंचक है

शुभ और अशुभ समय

Muhurat & Rahu Kaal
ब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 5:14 – सुबह 6:02
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:50 – दोपहर 12:33
राहुकालRahu Kaalसुबह 10:51 – दोपहर 12:12
यमगण्डYamagandaदोपहर 2:53 – शाम 4:13
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 8:10 – सुबह 9:31

🧭 वास और शूल

दिशा शूलपश्चिम – आज इस दिशा की यात्रा टालें
शिववाससभा में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु)
अग्निवासआकाश में (अशुभ)
पंचकहाँ, आज पंचक है

🌕 चन्द्रबल

आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:

वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन

चंद्रमा आपकी राशि से 1, 3, 6, 7, 10 या 11वें भाव में हो तो चन्द्रबल शुभ माना जाता है।

🕐 आज का चौघड़िया (दिन)

दिन + रात देखें →
चरसुबह 6:50 – सुबह 8:10
लाभसुबह 8:10 – सुबह 9:31
अमृतसुबह 9:31 – सुबह 10:51
कालसुबह 10:51 – दोपहर 12:12
शुभदोपहर 12:12 – दोपहर 1:32
रोगदोपहर 1:32 – दोपहर 2:53
उद्वेगदोपहर 2:53 – शाम 4:13
चरशाम 4:13 – शाम 5:34

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

पूछें