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📍 नई दिल्ली शनिवार, 7 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज का पञ्चाङ्ग – जयपुर

शनिवार, 21 नवंबर 2026 · कार्तिक शुक्ल द्वादशी · विक्रम संवत 2083

⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा मीन राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।

शनिवार, 21 नवंबर 2026, जयपुर: शुक्ल द्वादशी तिथि (सुबह 4:56 (22 नव॰) तक), रेवती नक्षत्र, सिद्धि योग। राहुकाल सुबह 9:31 – सुबह 10:52।

सूर्योदय सुबह 6:50 · सूर्यास्त शाम 5:34 · चंद्र राशि मीन

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग

Five limbs of the day
तिथिTithi
शुक्ल द्वादशीसुबह 4:56 (22 नव॰) तक, फिर त्रयोदशी
वारVara
शनिवार
नक्षत्रNakshatra
रेवतीसुबह 5:54 (22 नव॰) तक, फिर अश्विनी
योगYoga
सिद्धिरात 2:29 (22 नव॰) तक
करणKarana
बवशाम 5:50 तक, फिर बालव
पक्षPaksha
शुक्ल पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
मीन
ऋतुRitu
शरद

सूर्य और चंद्र

Sun & Moon
↑ सुबह 6:50दिनमान 10h 43m↓ शाम 5:34
सूर्योदयसुबह 6:50
सूर्यास्तशाम 5:34
सूर्य राशिवृश्चिक
चंद्र राशिमीन

हिन्दू कैलेंडर

Hindu calendar
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
ऋतुशरद
पक्षशुक्ल पक्ष
दिशा शूलपूर्व
पंचकहाँ, आज पंचक है

शुभ और अशुभ समय

Muhurat & Rahu Kaal
ब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 5:14 – सुबह 6:02
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:51 – दोपहर 12:34
राहुकालRahu Kaalसुबह 9:31 – सुबह 10:52
यमगण्डYamagandaदोपहर 1:32 – दोपहर 2:53
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 6:50 – सुबह 8:11

🧭 वास और शूल

दिशा शूलपूर्व – आज इस दिशा की यात्रा टालें
शिववासकैलाश पर (शुभ – रुद्राभिषेक हेतु)
अग्निवासपृथ्वी पर (शुभ – हवन कर सकते हैं)
पंचकहाँ, आज पंचक है

🌕 चन्द्रबल

आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:

वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन

चंद्रमा आपकी राशि से 1, 3, 6, 7, 10 या 11वें भाव में हो तो चन्द्रबल शुभ माना जाता है।

🕐 आज का चौघड़िया (दिन)

दिन + रात देखें →
कालसुबह 6:50 – सुबह 8:11
शुभसुबह 8:11 – सुबह 9:31
रोगसुबह 9:31 – सुबह 10:52
उद्वेगसुबह 10:52 – दोपहर 12:12
चरदोपहर 12:12 – दोपहर 1:32
लाभदोपहर 1:32 – दोपहर 2:53
अमृतदोपहर 2:53 – शाम 4:13
कालशाम 4:13 – शाम 5:34

🪔 आने वाले व्रत-त्योहार

हिन्दू कैलेंडर →

समय जयपुर (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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