आज का पञ्चाङ्ग – पटना
शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 · भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी · विक्रम संवत 2083
⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा कुम्भ राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।
शुक्रवार, 25 सितंबर 2026, पटना: शुक्ल चतुर्दशी तिथि (रात 11:07 तक), शतभिषा नक्षत्र, शूल योग। राहुकाल सुबह 10:10 – सुबह 11:41।
सूर्योदय सुबह 5:39 · सूर्यास्त शाम 5:42 · चंद्र राशि कुम्भ
पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
Five limbs of the dayतिथिTithi
शुक्ल चतुर्दशीरात 11:07 तक, फिर पूर्णिमा
वारVara
शुक्रवार
नक्षत्रNakshatra
शतभिषासुबह 11:21 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद
योगYoga
शूलदोपहर 2:50 तक
करणKarana
गरसुबह 11:17 तक, फिर वणिज
पक्षPaksha
शुक्ल पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
कुम्भ
ऋतुRitu
वर्षा
सूर्य और चंद्र
Sun & Moonसूर्योदयसुबह 5:39
सूर्यास्तशाम 5:42
सूर्य राशिकन्या
चंद्र राशिकुम्भ
हिन्दू कैलेंडर
Hindu calendarविक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)भाद्रपद
ऋतुवर्षा
पक्षशुक्ल पक्ष
दिशा शूलपश्चिम
पंचकहाँ, आज पंचक है
शुभ और अशुभ समय
Muhurat & Rahu Kaalब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 4:03 – सुबह 4:51
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:16 – दोपहर 12:05
राहुकालRahu Kaalसुबह 10:10 – सुबह 11:41
यमगण्डYamagandaदोपहर 2:41 – शाम 4:12
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 7:09 – सुबह 8:40
🧭 वास और शूल
| दिशा शूल | पश्चिम – आज इस दिशा की यात्रा टालें |
|---|---|
| शिववास | भोजन में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु) |
| अग्निवास | आकाश में (अशुभ) |
| पंचक | हाँ, आज पंचक है |
🌕 चन्द्रबल
आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
🕐 आज का चौघड़िया (दिन)
दिन + रात देखें →चरसुबह 5:39 – सुबह 7:09
लाभसुबह 7:09 – सुबह 8:40
अमृतसुबह 8:40 – सुबह 10:10
कालसुबह 10:10 – सुबह 11:41
शुभसुबह 11:41 – दोपहर 1:11
रोगदोपहर 1:11 – दोपहर 2:41
उद्वेगदोपहर 2:41 – शाम 4:12
चरशाम 4:12 – शाम 5:42
🪔 आने वाले व्रत-त्योहार
हिन्दू कैलेंडर →- रमा एकादशी5 नव॰, गुरु
- धनतेरस 20266 नव॰, शुक्र
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) 20267 नव॰, शनि
- शनि प्रदोष7 नव॰, शनि
- दिवाली 20268 नव॰, रवि
- गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) 202610 नव॰, मंगल
- भाई दूज 202611 नव॰, बुध
- छठ पूजा 202615 नव॰, रवि
🌆 प्रमुख शहरों का पञ्चाङ्ग
समय पटना (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।