आज का पञ्चाङ्ग – पटना
शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल त्रयोदशी · विक्रम संवत 2083
⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा मीन राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।
शनिवार, 24 अक्टूबर 2026, पटना: शुक्ल त्रयोदशी तिथि (दोपहर 1:37 तक), उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, व्याघात योग। राहुकाल सुबह 8:43 – सुबह 10:08।
सूर्योदय सुबह 5:52 · सूर्यास्त शाम 5:14 · चंद्र राशि मीन
पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
Five limbs of the dayतिथिTithi
शुक्ल त्रयोदशीदोपहर 1:37 तक, फिर चतुर्दशी
वारVara
शनिवार
नक्षत्रNakshatra
उत्तरा भाद्रपदरात 8:31 तक, फिर रेवती
योगYoga
व्याघातरात 8:00 तक
करणKarana
तैतिलदोपहर 1:37 तक, फिर गर
पक्षPaksha
शुक्ल पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
मीन
ऋतुRitu
शरद
सूर्य और चंद्र
Sun & Moonसूर्योदयसुबह 5:52
सूर्यास्तशाम 5:14
सूर्य राशितुला
चंद्र राशिमीन
हिन्दू कैलेंडर
Hindu calendarविक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)आश्विन
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
ऋतुशरद
पक्षशुक्ल पक्ष
दिशा शूलपूर्व
पंचकहाँ, आज पंचक है
शुभ और अशुभ समय
Muhurat & Rahu Kaalब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 4:16 – सुबह 5:04
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:10 – सुबह 11:56
राहुकालRahu Kaalसुबह 8:43 – सुबह 10:08
यमगण्डYamagandaदोपहर 12:58 – दोपहर 2:23
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 5:52 – सुबह 7:17
🧭 वास और शूल
| दिशा शूल | पूर्व – आज इस दिशा की यात्रा टालें |
|---|---|
| शिववास | वृषभ पर आरूढ़ (शुभ – रुद्राभिषेक हेतु) |
| अग्निवास | आकाश में (अशुभ) |
| पंचक | हाँ, आज पंचक है |
🌕 चन्द्रबल
आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
🕐 आज का चौघड़िया (दिन)
दिन + रात देखें →कालसुबह 5:52 – सुबह 7:17
शुभसुबह 7:17 – सुबह 8:43
रोगसुबह 8:43 – सुबह 10:08
उद्वेगसुबह 10:08 – सुबह 11:33
चरसुबह 11:33 – दोपहर 12:58
लाभदोपहर 12:58 – दोपहर 2:23
अमृतदोपहर 2:23 – दोपहर 3:49
कालदोपहर 3:49 – शाम 5:14
🪔 आने वाले व्रत-त्योहार
हिन्दू कैलेंडर →- रमा एकादशी5 नव॰, गुरु
- धनतेरस 20266 नव॰, शुक्र
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) 20267 नव॰, शनि
- शनि प्रदोष7 नव॰, शनि
- दिवाली 20268 नव॰, रवि
- गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) 202610 नव॰, मंगल
- भाई दूज 202611 नव॰, बुध
- छठ पूजा 202615 नव॰, रवि
🌆 प्रमुख शहरों का पञ्चाङ्ग
समय पटना (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।