आज का पञ्चाङ्ग – पुणे
सोमवार, 31 अगस्त 2026 · भाद्रपद कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2083
⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा मीन राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।
सोमवार, 31 अगस्त 2026, पुणे: कृष्ण तृतीया तिथि (सुबह 8:51 तक), रेवती नक्षत्र, गण्ड योग। राहुकाल सुबह 7:53 – सुबह 9:27।
सूर्योदय सुबह 6:19 · सूर्यास्त शाम 6:49 · चंद्र राशि मीन
पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
Five limbs of the dayतिथिTithi
कृष्ण तृतीयासुबह 8:51 तक, फिर चतुर्थी
वारVara
सोमवार
नक्षत्रNakshatra
रेवतीरात 3:23 (1 सित॰) तक, फिर अश्विनी
योगYoga
गण्डरात 1:49 (1 सित॰) तक
करणKarana
विष्टि (भद्रा)सुबह 8:51 तक, फिर बव
पक्षPaksha
कृष्ण पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
मीन
ऋतुRitu
वर्षा
सूर्य और चंद्र
Sun & Moonसूर्योदयसुबह 6:19
सूर्यास्तशाम 6:49
सूर्य राशिसिंह
चंद्र राशिमीन
हिन्दू कैलेंडर
Hindu calendarविक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)श्रावण
मास (पूर्णिमांत)भाद्रपद
ऋतुवर्षा
पक्षकृष्ण पक्ष
दिशा शूलपूर्व
पंचकहाँ, आज पंचक है
शुभ और अशुभ समय
Muhurat & Rahu Kaalब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 4:43 – सुबह 5:31
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaदोपहर 12:09 – दोपहर 12:59
राहुकालRahu Kaalसुबह 7:53 – सुबह 9:27
यमगण्डYamagandaसुबह 11:01 – दोपहर 12:34
गुलिक कालGulika Kaalदोपहर 2:08 – दोपहर 3:42
🧭 वास और शूल
| दिशा शूल | पूर्व – आज इस दिशा की यात्रा टालें |
|---|---|
| शिववास | क्रीड़ा में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु) |
| अग्निवास | आकाश में (अशुभ) |
| पंचक | हाँ, आज पंचक है |
🌕 चन्द्रबल
आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
🕐 आज का चौघड़िया (दिन)
दिन + रात देखें →अमृतसुबह 6:19 – सुबह 7:53
कालसुबह 7:53 – सुबह 9:27
शुभसुबह 9:27 – सुबह 11:01
रोगसुबह 11:01 – दोपहर 12:34
उद्वेगदोपहर 12:34 – दोपहर 2:08
चरदोपहर 2:08 – दोपहर 3:42
लाभदोपहर 3:42 – शाम 5:16
अमृतशाम 5:16 – शाम 6:49
🪔 आने वाले व्रत-त्योहार
हिन्दू कैलेंडर →- रमा एकादशी5 नव॰, गुरु
- धनतेरस 20266 नव॰, शुक्र
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) 20267 नव॰, शनि
- शनि प्रदोष7 नव॰, शनि
- दिवाली 20268 नव॰, रवि
- गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) 202610 नव॰, मंगल
- भाई दूज 202611 नव॰, बुध
- छठ पूजा 202615 नव॰, रवि
🌆 प्रमुख शहरों का पञ्चाङ्ग
समय पुणे (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।