आज का पञ्चाङ्ग – नई दिल्ली
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 · पौष शुक्ल सप्तमी · विक्रम संवत 2083
⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा मीन राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027, नई दिल्ली: शुक्ल सप्तमी तिथि (दोपहर 2:14 तक), रेवती नक्षत्र, शिव योग। राहुकाल सुबह 11:11 – दोपहर 12:30।
सूर्योदय सुबह 7:15 · सूर्यास्त शाम 5:46 · चंद्र राशि मीन
पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
Five limbs of the dayतिथिTithi
शुक्ल सप्तमीदोपहर 2:14 तक, फिर अष्टमी
वारVara
शुक्रवार
नक्षत्रNakshatra
रेवतीरात 11:50 तक, फिर अश्विनी
योगYoga
शिवशाम 4:16 तक
करणKarana
वणिजदोपहर 2:14 तक, फिर विष्टि (भद्रा)
पक्षPaksha
शुक्ल पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
मीन
ऋतुRitu
हेमन्त
सूर्य और चंद्र
Sun & Moonसूर्योदयसुबह 7:15
सूर्यास्तशाम 5:46
सूर्य राशिमकर
चंद्र राशिमीन
हिन्दू कैलेंडर
Hindu calendarविक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)पौष
मास (पूर्णिमांत)पौष
ऋतुहेमन्त
पक्षशुक्ल पक्ष
दिशा शूलपश्चिम
पंचकहाँ, आज पंचक है
शुभ और अशुभ समय
Muhurat & Rahu Kaalब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 5:39 – सुबह 6:27
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaदोपहर 12:09 – दोपहर 12:51
राहुकालRahu Kaalसुबह 11:11 – दोपहर 12:30
यमगण्डYamagandaदोपहर 3:08 – शाम 4:27
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 8:33 – सुबह 9:52
🧭 वास और शूल
| दिशा शूल | पश्चिम – आज इस दिशा की यात्रा टालें |
|---|---|
| शिववास | भोजन में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु) |
| अग्निवास | पाताल में (अशुभ) |
| पंचक | हाँ, आज पंचक है |
🌕 चन्द्रबल
आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
🕐 आज का चौघड़िया (दिन)
दिन + रात देखें →चरसुबह 7:15 – सुबह 8:33
लाभसुबह 8:33 – सुबह 9:52
अमृतसुबह 9:52 – सुबह 11:11
कालसुबह 11:11 – दोपहर 12:30
शुभदोपहर 12:30 – दोपहर 1:49
रोगदोपहर 1:49 – दोपहर 3:08
उद्वेगदोपहर 3:08 – शाम 4:27
चरशाम 4:27 – शाम 5:46
🪔 आने वाले व्रत-त्योहार
हिन्दू कैलेंडर →- पोंगल 202715 जन॰, शुक्र
- पौष पुत्रदा एकादशी18 जन॰, सोम
- बुध प्रदोष20 जन॰, बुध
- पौष पूर्णिमा22 जन॰, शुक्र
- लंबोदर संकष्टी (सकट चौथ)25 जन॰, सोम
- षटतिला एकादशी2 फ़र॰, मंगल
- बुध प्रदोष3 फ़र॰, बुध
- वसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) 202711 फ़र॰, गुरु
🌆 प्रमुख शहरों का पञ्चाङ्ग
समय नई दिल्ली (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।