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📍 नई दिल्ली शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण द्वादशी · हस्त आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज का पञ्चाङ्ग – नई दिल्ली

सोमवार, 8 फ़रवरी 2027 · माघ शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2083

⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा कुम्भ राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।

सोमवार, 8 फ़रवरी 2027, नई दिल्ली: शुक्ल द्वितीया तिथि (रात 1:07 (9 फ़र॰) तक), शतभिषा नक्षत्र, परिघ योग। राहुकाल सुबह 8:27 – सुबह 9:50।

सूर्योदय सुबह 7:05 · सूर्यास्त शाम 6:05 · चंद्र राशि कुम्भ

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग

Five limbs of the day
तिथिTithi
शुक्ल द्वितीयारात 1:07 (9 फ़र॰) तक, फिर तृतीया
वारVara
सोमवार
नक्षत्रNakshatra
शतभिषारात 1:56 (9 फ़र॰) तक, फिर पूर्वा भाद्रपद
योगYoga
परिघरात 9:50 तक
करणKarana
बालवदोपहर 12:20 तक, फिर कौलव
पक्षPaksha
शुक्ल पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
कुम्भ
ऋतुRitu
शिशिर

सूर्य और चंद्र

Sun & Moon
↑ सुबह 7:05दिनमान 11h 00m↓ शाम 6:05
सूर्योदयसुबह 7:05
सूर्यास्तशाम 6:05
सूर्य राशिमकर
चंद्र राशिकुम्भ

हिन्दू कैलेंडर

Hindu calendar
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)माघ
मास (पूर्णिमांत)माघ
ऋतुशिशिर
पक्षशुक्ल पक्ष
दिशा शूलपूर्व
पंचकहाँ, आज पंचक है

शुभ और अशुभ समय

Muhurat & Rahu Kaal
ब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 5:29 – सुबह 6:17
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaदोपहर 12:13 – दोपहर 12:57
राहुकालRahu Kaalसुबह 8:27 – सुबह 9:50
यमगण्डYamagandaसुबह 11:12 – दोपहर 12:35
गुलिक कालGulika Kaalदोपहर 1:58 – दोपहर 3:20

🧭 वास और शूल

दिशा शूलपूर्व – आज इस दिशा की यात्रा टालें
शिववासगौरी के साथ (शुभ – रुद्राभिषेक हेतु)
अग्निवासआकाश में (अशुभ)
पंचकहाँ, आज पंचक है

🌕 चन्द्रबल

आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:

मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ

चंद्रमा आपकी राशि से 1, 3, 6, 7, 10 या 11वें भाव में हो तो चन्द्रबल शुभ माना जाता है।

🕐 आज का चौघड़िया (दिन)

दिन + रात देखें →
अमृतसुबह 7:05 – सुबह 8:27
कालसुबह 8:27 – सुबह 9:50
शुभसुबह 9:50 – सुबह 11:12
रोगसुबह 11:12 – दोपहर 12:35
उद्वेगदोपहर 12:35 – दोपहर 1:58
चरदोपहर 1:58 – दोपहर 3:20
लाभदोपहर 3:20 – शाम 4:43
अमृतशाम 4:43 – शाम 6:05

🪔 आने वाले व्रत-त्योहार

हिन्दू कैलेंडर →

समय नई दिल्ली (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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