🌐 भाषा

📍 नई दिल्ली
शनिवार, 7 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा आज का पंचांगआज का मंत्र
हिन्दी
ट्रेंडिंग

आज का पञ्चाङ्ग – लखनऊ

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल एकादशी · विक्रम संवत 2083

⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा कुम्भ राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026, लखनऊ: शुक्ल एकादशी तिथि (दोपहर 2:48 तक), शतभिषा नक्षत्र, वृद्धि योग। राहुकाल दोपहर 1:15 – दोपहर 2:41।

सूर्योदय सुबह 6:09 · सूर्यास्त शाम 5:31 · चंद्र राशि कुम्भ

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग

Five limbs of the day
तिथिTithi
शुक्ल एकादशीदोपहर 2:48 तक, फिर द्वादशी
वारVara
गुरुवार
नक्षत्रNakshatra
शतभिषारात 8:48 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद
योगYoga
वृद्धिरात 11:38 तक
करणKarana
विष्टि (भद्रा)दोपहर 2:48 तक, फिर बव
पक्षPaksha
शुक्ल पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
कुम्भ
ऋतुRitu
शरद

सूर्य और चंद्र

Sun & Moon
↑ सुबह 6:09दिनमान 11h 22m↓ शाम 5:31
सूर्योदयसुबह 6:09
सूर्यास्तशाम 5:31
सूर्य राशितुला
चंद्र राशिकुम्भ

हिन्दू कैलेंडर

Hindu calendar
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)आश्विन
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
ऋतुशरद
पक्षशुक्ल पक्ष
दिशा शूलदक्षिण
पंचकहाँ, आज पंचक है

शुभ और अशुभ समय

Muhurat & Rahu Kaal
ब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 4:33 – सुबह 5:21
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:27 – दोपहर 12:13
राहुकालRahu Kaalदोपहर 1:15 – दोपहर 2:41
यमगण्डYamagandaसुबह 6:09 – सुबह 7:34
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 9:00 – सुबह 10:25

🧭 वास और शूल

दिशा शूलदक्षिण – आज इस दिशा की यात्रा टालें
शिववासक्रीड़ा में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु)
अग्निवासआकाश में (अशुभ)
पंचकहाँ, आज पंचक है

🌕 चन्द्रबल

आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:

मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ

चंद्रमा आपकी राशि से 1, 3, 6, 7, 10 या 11वें भाव में हो तो चन्द्रबल शुभ माना जाता है।

🕐 आज का चौघड़िया (दिन)

दिन + रात देखें →
शुभसुबह 6:09 – सुबह 7:34
रोगसुबह 7:34 – सुबह 9:00
उद्वेगसुबह 9:00 – सुबह 10:25
चरसुबह 10:25 – सुबह 11:50
लाभसुबह 11:50 – दोपहर 1:15
अमृतदोपहर 1:15 – दोपहर 2:41
कालदोपहर 2:41 – शाम 4:06
शुभशाम 4:06 – शाम 5:31

🪔 आने वाले व्रत-त्योहार

हिन्दू कैलेंडर →

समय लखनऊ (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

पूछें