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शनिवार, 7 नवंबर 2026 विक्रम संवत 2083 कृष्ण त्रयोदशी · चित्रा आज का पंचांगआज का मंत्र
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आज का पञ्चाङ्ग – लखनऊ

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल द्वादशी · विक्रम संवत 2083

⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा कुम्भ राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026, लखनऊ: शुक्ल द्वादशी तिथि (दोपहर 2:36 तक), पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र, ध्रुव योग। राहुकाल सुबह 10:25 – सुबह 11:50।

सूर्योदय सुबह 6:10 · सूर्यास्त शाम 5:30 · चंद्र राशि कुम्भ

पञ्चाङ्ग के पाँच अंग

Five limbs of the day
तिथिTithi
शुक्ल द्वादशीदोपहर 2:36 तक, फिर त्रयोदशी
वारVara
शुक्रवार
नक्षत्रNakshatra
पूर्वा भाद्रपदरात 9:02 तक, फिर उत्तरा भाद्रपद
योगYoga
ध्रुवरात 10:07 तक
करणKarana
बालवदोपहर 2:36 तक, फिर कौलव
पक्षPaksha
शुक्ल पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
कुम्भ
ऋतुRitu
शरद

सूर्य और चंद्र

Sun & Moon
↑ सुबह 6:10दिनमान 11h 20m↓ शाम 5:30
सूर्योदयसुबह 6:10
सूर्यास्तशाम 5:30
सूर्य राशितुला
चंद्र राशिकुम्भ

हिन्दू कैलेंडर

Hindu calendar
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)आश्विन
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
ऋतुशरद
पक्षशुक्ल पक्ष
दिशा शूलपश्चिम
पंचकहाँ, आज पंचक है

शुभ और अशुभ समय

Muhurat & Rahu Kaal
ब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaसुबह 4:34 – सुबह 5:22
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:27 – दोपहर 12:13
राहुकालRahu Kaalसुबह 10:25 – सुबह 11:50
यमगण्डYamagandaदोपहर 2:40 – शाम 4:05
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 7:35 – सुबह 9:00

🧭 वास और शूल

दिशा शूलपश्चिम – आज इस दिशा की यात्रा टालें
शिववासकैलाश पर (शुभ – रुद्राभिषेक हेतु)
अग्निवासपृथ्वी पर (शुभ – हवन कर सकते हैं)
पंचकहाँ, आज पंचक है

🌕 चन्द्रबल

आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:

मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ

चंद्रमा आपकी राशि से 1, 3, 6, 7, 10 या 11वें भाव में हो तो चन्द्रबल शुभ माना जाता है।

🕐 आज का चौघड़िया (दिन)

दिन + रात देखें →
चरसुबह 6:10 – सुबह 7:35
लाभसुबह 7:35 – सुबह 9:00
अमृतसुबह 9:00 – सुबह 10:25
कालसुबह 10:25 – सुबह 11:50
शुभसुबह 11:50 – दोपहर 1:15
रोगदोपहर 1:15 – दोपहर 2:40
उद्वेगदोपहर 2:40 – शाम 4:05
चरशाम 4:05 – शाम 5:30

🪔 आने वाले व्रत-त्योहार

हिन्दू कैलेंडर →

समय लखनऊ (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

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