आज का पञ्चाङ्ग – पटना
शनिवार, 1 अगस्त 2026 · श्रावण कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2083
⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा कुम्भ राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।
शनिवार, 1 अगस्त 2026, पटना: कृष्ण तृतीया तिथि (रात 11:08 तक), शतभिषा नक्षत्र, शोभन योग। राहुकाल सुबह 8:35 – सुबह 10:15।
सूर्योदय सुबह 5:15 · सूर्यास्त शाम 6:35 · चंद्र राशि कुम्भ
पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
Five limbs of the dayतिथिTithi
कृष्ण तृतीयारात 11:08 तक, फिर चतुर्थी
वारVara
शनिवार
नक्षत्रNakshatra
शतभिषारात 8:44 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद
योगYoga
शोभनरात 11:21 तक
करणKarana
वणिजसुबह 10:53 तक, फिर विष्टि (भद्रा)
पक्षPaksha
कृष्ण पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
कुम्भ
ऋतुRitu
ग्रीष्म
सूर्य और चंद्र
Sun & Moonसूर्योदयसुबह 5:15
सूर्यास्तशाम 6:35
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिकुम्भ
हिन्दू कैलेंडर
Hindu calendarविक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
ऋतुग्रीष्म
पक्षकृष्ण पक्ष
दिशा शूलपूर्व
पंचकहाँ, आज पंचक है
शुभ और अशुभ समय
Muhurat & Rahu Kaalब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaरात 3:39 – सुबह 4:27
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:29 – दोपहर 12:22
राहुकालRahu Kaalसुबह 8:35 – सुबह 10:15
यमगण्डYamagandaदोपहर 1:35 – दोपहर 3:15
गुलिक कालGulika Kaalसुबह 5:15 – सुबह 6:55
🧭 वास और शूल
| दिशा शूल | पूर्व – आज इस दिशा की यात्रा टालें |
|---|---|
| शिववास | क्रीड़ा में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु) |
| अग्निवास | पाताल में (अशुभ) |
| पंचक | हाँ, आज पंचक है |
🌕 चन्द्रबल
आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
🕐 आज का चौघड़िया (दिन)
दिन + रात देखें →कालसुबह 5:15 – सुबह 6:55
शुभसुबह 6:55 – सुबह 8:35
रोगसुबह 8:35 – सुबह 10:15
उद्वेगसुबह 10:15 – सुबह 11:55
चरसुबह 11:55 – दोपहर 1:35
लाभदोपहर 1:35 – दोपहर 3:15
अमृतदोपहर 3:15 – शाम 4:55
कालशाम 4:55 – शाम 6:35
🪔 आने वाले व्रत-त्योहार
हिन्दू कैलेंडर →- रमा एकादशी5 नव॰, गुरु
- धनतेरस 20266 नव॰, शुक्र
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) 20267 नव॰, शनि
- शनि प्रदोष7 नव॰, शनि
- दिवाली 20268 नव॰, रवि
- गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) 202610 नव॰, मंगल
- भाई दूज 202611 नव॰, बुध
- छठ पूजा 202615 नव॰, रवि
🌆 प्रमुख शहरों का पञ्चाङ्ग
समय पटना (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।