आज का पञ्चाङ्ग – पटना
रविवार, 2 अगस्त 2026 · श्रावण कृष्ण चतुर्थी · विक्रम संवत 2083
⚠️ आज पंचक है (चंद्रमा कुम्भ राशि में)। पंचक में लकड़ी इकट्ठा करना, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और चारपाई बनवाना वर्जित माना जाता है।
रविवार, 2 अगस्त 2026, पटना: कृष्ण चतुर्थी तिथि (रात 11:16 तक), पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र, अतिगण्ड योग। राहुकाल शाम 4:54 – शाम 6:34।
सूर्योदय सुबह 5:16 · सूर्यास्त शाम 6:34 · चंद्र राशि कुम्भ
पञ्चाङ्ग के पाँच अंग
Five limbs of the dayतिथिTithi
कृष्ण चतुर्थीरात 11:16 तक, फिर पंचमी
वारVara
रविवार
नक्षत्रNakshatra
पूर्वा भाद्रपदरात 9:36 तक, फिर उत्तरा भाद्रपद
योगYoga
अतिगण्डरात 10:28 तक
करणKarana
बवसुबह 11:15 तक, फिर बालव
पक्षPaksha
कृष्ण पक्ष
चंद्र राशिMoon sign
कुम्भ
ऋतुRitu
ग्रीष्म
सूर्य और चंद्र
Sun & Moonसूर्योदयसुबह 5:16
सूर्यास्तशाम 6:34
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिकुम्भ
हिन्दू कैलेंडर
Hindu calendarविक्रम संवत2083
शक संवत1948
मास (अमांत)आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)श्रावण
ऋतुग्रीष्म
पक्षकृष्ण पक्ष
दिशा शूलपश्चिम
पंचकहाँ, आज पंचक है
शुभ और अशुभ समय
Muhurat & Rahu Kaalब्रह्म मुहूर्तBrahma Muhurtaरात 3:40 – सुबह 4:28
अभिजीत मुहूर्तAbhijit Muhurtaसुबह 11:29 – दोपहर 12:22
राहुकालRahu Kaalशाम 4:54 – शाम 6:34
यमगण्डYamagandaसुबह 11:55 – दोपहर 1:35
गुलिक कालGulika Kaalदोपहर 3:15 – शाम 4:54
🧭 वास और शूल
| दिशा शूल | पश्चिम – आज इस दिशा की यात्रा टालें |
|---|---|
| शिववास | कैलाश पर (शुभ – रुद्राभिषेक हेतु) |
| अग्निवास | आकाश में (अशुभ) |
| पंचक | हाँ, आज पंचक है |
🌕 चन्द्रबल
आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
🕐 आज का चौघड़िया (दिन)
दिन + रात देखें →उद्वेगसुबह 5:16 – सुबह 6:56
चरसुबह 6:56 – सुबह 8:36
लाभसुबह 8:36 – सुबह 10:15
अमृतसुबह 10:15 – सुबह 11:55
कालसुबह 11:55 – दोपहर 1:35
शुभदोपहर 1:35 – दोपहर 3:15
रोगदोपहर 3:15 – शाम 4:54
उद्वेगशाम 4:54 – शाम 6:34
🪔 आने वाले व्रत-त्योहार
हिन्दू कैलेंडर →- रमा एकादशी5 नव॰, गुरु
- धनतेरस 20266 नव॰, शुक्र
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) 20267 नव॰, शनि
- शनि प्रदोष7 नव॰, शनि
- दिवाली 20268 नव॰, रवि
- गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) 202610 नव॰, मंगल
- भाई दूज 202611 नव॰, बुध
- छठ पूजा 202615 नव॰, रवि
🌆 प्रमुख शहरों का पञ्चाङ्ग
समय पटना (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।