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आज का पञ्चाङ्ग – वाराणसी

बुधवार, 4 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2083

🌅 सूर्य और चंद्र

सूर्योदयसुबह 6:07
सूर्यास्तशाम 5:15
चंद्र राशिसिंह
सूर्य राशितुला
ऋतुशरद

📜 पञ्चाङ्ग के पाँच अंग

तिथिकृष्ण दशमी – सुबह 11:03 तक, फिर एकादशी
वारबुधवार
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी – रात 3:29 (5 नव॰) तक, फिर उत्तरा फाल्गुनी
योगब्रह्म – सुबह 7:59 तक
करणविष्टि (भद्रा) – सुबह 11:03 तक, फिर बव

🗓️ मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)कार्तिक
मास (अमांत)आश्विन
पक्षकृष्ण पक्ष
विक्रम संवत2083
शक संवत1948

⏰ शुभ और अशुभ समय

ब्रह्म मुहूर्तसुबह 4:31 – सुबह 5:19
अभिजीत मुहूर्तबुधवार को अभिजीत शुभ नहीं माना जाता
राहुकालसुबह 11:41 – दोपहर 1:05
यमगण्डसुबह 7:31 – सुबह 8:54
गुलिक कालसुबह 10:18 – सुबह 11:41

🧭 वास और शूल

दिशा शूलउत्तर – आज इस दिशा की यात्रा टालें
शिववासक्रीड़ा में (अशुभ – रुद्राभिषेक हेतु)
अग्निवासपाताल में (अशुभ)
पंचकनहीं

🌕 चन्द्रबल

आज इन राशियों के लिए चंद्रमा अनुकूल है:

मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन

चंद्रमा आपकी राशि से 1, 3, 6, 7, 10 या 11वें भाव में हो तो चन्द्रबल शुभ माना जाता है।

🕐 आज का चौघड़िया (दिन)

दिन + रात देखें →
लाभसुबह 6:07 – सुबह 7:31
अमृतसुबह 7:31 – सुबह 8:54
कालसुबह 8:54 – सुबह 10:18
शुभसुबह 10:18 – सुबह 11:41
रोगसुबह 11:41 – दोपहर 1:05
उद्वेगदोपहर 1:05 – दोपहर 2:28
चरदोपहर 2:28 – दोपहर 3:51
लाभदोपहर 3:51 – शाम 5:15

🪔 आने वाले व्रत-त्योहार

हिन्दू कैलेंडर →

समय वाराणसी (भारतीय मानक समय) के लिए खगोलीय गणना से निकाला गया है। व्रत-त्योहार के सटीक मुहूर्त के लिए अपने पुरोहित से पुष्टि करें।